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पशु मित्र भर्ती पर अगले आदेशों तक लगी रोक, जानें क्या है वजह
शिमला। हिमाचल प्रदेश के पशुपालन विभाग में चल रही पशु मित्र भर्ती प्रक्रिया को फिलहाल अगले आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है। विभाग के निदेशक द्वारा प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए शारीरिक परीक्षा पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। सभी जिला व नियंत्रक अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि आगे की सूचना तक कोई भी फिजिकल टेस्ट आयोजित न किया जाए।
बताया जा रहा है कि विभाग की ओर से प्रदेशभर में लगभग 500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान शारीरिक परीक्षा में अभ्यर्थियों से 25 किलो का बोरा उठाकर दौड़ लगाने की शर्त को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस नियम का कई उम्मीदवारों और संगठनों ने विरोध किया था, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।
अभ्यर्थियों में असमंजस
भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगने से तैयारी कर रहे युवाओं में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। कई जिलों में फिजिकल टेस्ट की तैयारियां अंतिम चरण में थीं। अब उम्मीदवारों को विभाग की नई तिथि और संशोधित कार्यक्रम का इंतजार करना होगा।
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विभाग का कहना है कि शारीरिक परीक्षण का उद्देश्य कार्यक्षमता और सुरक्षा सुनिश्चित करना था, न कि प्रतियोगिता कराना। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद फिलहाल प्रक्रिया रोकना आवश्यक समझा गया।
ज्यूरी उपमंडल में 19 पदों के लिए 206 आवेदन
उपमंडलीय पशु चिकित्सालय ज्यूरी के तहत 19 पदों के लिए कुल 206 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इन पदों के लिए 21 फरवरी को पीजी कॉलेज रामपुर मैदान में शारीरिक परीक्षण प्रस्तावित था, जिसे अब स्थगित कर दिया गया है।
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल शर्मा ने पुष्टि करते हुए बताया कि निदेशक के आदेशों के अनुसार भर्ती की शारीरिक परीक्षा पर रोक लगा दी गई है और अभ्यर्थियों को आगामी निर्देशों का इंतजार करने को कहा गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों पर असर
ग्रामीण इलाकों में पशुपालन विभाग के कई पद खाली होने से पशुपालकों को लंबे समय से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पशु मित्र भर्ती से स्थानीय स्तर पर उपचार सुविधाएं बेहतर होने की उम्मीद थी, लेकिन फिलहाल प्रक्रिया रुकने से यह उम्मीद टल गई है।
👉 विभाग ने अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की सलाह दी
