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हिमाचल में 10वीं के छात्रों को राहत: एक सत्र में दो बार परीक्षा का मौका, बेहतर अंक ही होंगे अंतिम
धर्मशाला (कांगड़ा)। हिमाचल में 10वीं के छात्रों को राहत देने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने विद्यार्थियों के हित में इस शैक्षणिक सत्र से महत्वपूर्ण बदलाव लागू करने का फैसला लिया है। अब 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को एक ही सत्र में दो बार परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। नई व्यवस्था के तहत दोनों परीक्षाओं में से जो अंक अधिक होंगे, वही अंतिम परिणाम में जोड़े जाएंगे।
बोर्ड के अनुसार नियमित वार्षिक परीक्षा मार्च माह में आयोजित होगी। इसके बाद जो छात्र अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं होंगे या किसी कारणवश अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे, उन्हें मई-जून में आयोजित दूसरी परीक्षा में शामिल होने का विकल्प दिया जाएगा। इस फैसले से छात्रों के बीच लंबे समय से चल रहा संशय भी खत्म हो गया है।
बोर्ड प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दूसरी परीक्षा देना पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। यदि विद्यार्थी दोबारा प्रयास में कम अंक प्राप्त करते हैं, तब भी उनके पहले प्रयास के अधिक अंक ही मार्कशीट में दर्ज किए जाएंगे। यानी किसी भी स्थिति में छात्रों को नुकसान नहीं होगा।
सुधार का मिलेगा अवसर
नई प्रणाली से छात्रों को अपनी कमियों को समझने और प्रदर्शन सुधारने का पर्याप्त समय मिलेगा। कई बार स्वास्थ्य समस्याओं, पारिवारिक परिस्थितियों या मानसिक दबाव के कारण विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते। अब उन्हें दोबारा मौका मिलने से तनाव में कमी आने की उम्मीद है।
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मेरिट सूची होगी अधिक पारदर्शी
बोर्ड का मानना है कि इस व्यवस्था से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और प्रतियोगिता स्वस्थ बनेगी। केवल सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को ही अंतिम माना जाएगा, जिससे मेरिट सूची अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनेगी।
इस संबंध में बोर्ड सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने कहा कि ड्यूल परीक्षा प्रणाली छात्रों को तनाव से राहत देने के साथ-साथ उन्हें बेहतर प्रदर्शन का वास्तविक अवसर प्रदान करेगी।
