पंजाब से चिट्टा लाकर शिमला के ग्रामीण इलाकों में सप्लाई करने वाले नेटवर्क का खुलासा
मुख्य आरोपी नेपाल सीमा से पकड़ा गया।
शिमला। जिला शिमला के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय युवाओं के माध्यम से चिट्टे की सप्लाई करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 11 दिनों के भीतर कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार शिमला जिले के और दो पंजाब के निवासी हैं।
मामले की शुरुआत 2 फरवरी को हुई, जब रोहड़ू क्षेत्र में मेंहदली पुल के पास पुलिस ने दो युवकों को पकड़कर उनके कब्जे से 83 ग्राम चिट्टा बरामद किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जश्नदीप सिंह और धर्मप्रीत सिंह के रूप में हुई, जो मूल रूप से पंजाब के रहने वाले बताए जा रहे हैं। जांच में सामने आया कि दोनों राज्य से नशा लाकर शिमला के ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी सप्लाई कर रहे थे।
पुलिस ने जब डिजिटल साक्ष्य और बैंक खातों की गहन जांच की तो गिरोह के और सदस्यों का खुलासा हुआ। इस कड़ी में 10 फरवरी को रोहड़ू पुलिस ने चिढ़गांव क्षेत्र के तीन स्थानीय युवकों—आशीष चौहान, नवीन शेट्टा और दीवान चंद—को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि सुंदा गांव निवासी विजेंद्र मेहता उर्फ छोटू इस नेटवर्क का मुख्य कड़ी है।
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जांच के अनुसार विजेंद्र ही पंजाब से चिट्टा मंगवाकर चिढ़गांव और रोहड़ू इलाके में इसकी सप्लाई करता था और स्थानीय युवाओं को इस धंधे में शामिल कर रहा था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि उसने 1 फरवरी को जश्नदीप से 37 ग्राम चिट्टा खरीदा था।
मामले में नाम सामने आने के बाद विजेंद्र फरार हो गया और सीमा पार नेपाल में छिप गया। एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक के अनुसार पुलिस ने उत्तराखंड और नेपाल पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया। करीब 48 घंटे की कार्रवाई के बाद 13 फरवरी को उसे नेपाल सीमा पर बनवासा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और आशंका है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है।
