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वॉयस क्लोनिंग और कॉल फारवर्डिंग से खाली हो रहे बैंक खाते, हिमाचल पुलिस ने जारी की चेतावनी
शिमला। साइबर ठग अब ठगी के लिए वॉयस क्लोनिंग और कॉल फारवर्डिंग जैसे नए तरीके अपना रहे हैं। इन साइबर ठगी मामलों में बिना ओटीपी और बिना लिंक क्लिक किए भी लोगों के बैंक खाते खाली हो रहे हैं। ताजा मामला शिमला शहर के छोटा शिमला क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग के बैंक खाते से फोन कॉल आने के कुछ ही मिनटों में दस लाख रुपये निकाल लिए गए।
पीड़ित के अनुसार उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल उठाने के बाद न तो कोई ओटीपी आया और न ही किसी लिंक पर क्लिक किया गया, इसके बावजूद खाते से बड़ी रकम निकलने के मैसेज आने लगे। इस साइबर ठगी मामले की जांच अब शिमला पुलिस और साइबर विंग की टीम संयुक्त रूप से कर रही है।
कैसे काम करता है कॉल फारवर्डिंग स्कैम
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार ठग कॉल के दौरान लोगों को झांसे में लेकर कॉल मर्ज करने या विशेष कोड डायल करने के लिए कहते हैं। जैसे ही व्यक्ति कोड डायल करता है, फोन बैंक के ऑटोमेटिक वेरिफिकेशन सिस्टम से जुड़ जाता है। इसके बाद कॉल और मैसेज फारवर्ड होकर ठगों तक पहुंच जाते हैं, जिससे वे ओटीपी जनरेट कर बैंक खाते से रकम निकाल लेते हैं।
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कई मामलों में ठग कॉल फारवर्डिंग एक्टिव कराने के बहाने लोगों को *21 या *401# जैसे कोड डायल करवा देते हैं। इससे साइबर ठगी को अंजाम देना उनके लिए आसान हो जाता है।
अनजान कॉल से रहें सतर्क
साइबर विशेषज्ञ अजय के मुताबिक सीधे कॉल से ठगी करना आसान नहीं होता, लेकिन डर, लालच या जल्दबाजी में लोग कोड डायल कर देते हैं। शिकायत में देरी होने से पुलिस को रकम वापस दिलाने में परेशानी आती है। ऐसे में साइबर ठगी होने पर तुरंत कार्रवाई बेहद जरूरी है।
हिमाचल पुलिस की अपील
हिमाचल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर भरोसा न करें और कॉल फारवर्डिंग से जुड़े किसी भी अनुरोध को तुरंत अस्वीकार करें। ठगी की स्थिति में जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, उतनी ही रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
ये सावधानियां जरूर अपनाएं
अनजान नंबर से कॉल फारवर्डिंग एक्टिव करने को कहे तो साफ मना करें
गलती से फारवर्डिंग चालू हो जाए तो ##002# डायल कर बंद करें
*#21# डायल कर जांचें कि कॉल या मैसेज फारवर्ड तो नहीं हो रहे
किसी को भी ओटीपी साझा न करें
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
डीआईजी संजीव कुमार गांधी ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है और बैंक खातों की कई लेयर तक जांच की जा रही है। पुलिस लोगों से सतर्क रहने और समय पर शिकायत करने की अपील कर रही है।
