हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव की प्रक्रिया तेज, मतदाता सूची सार्वजनिक
शिमला: हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर राज्य में चुनावी प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद जिला उपायुक्तों ने मतदाता सूचियों का प्रकाशन शुरू कर दिया है। इसी क्रम में जिला उपायुक्त कार्यालय शिमला ने शुक्रवार को शाम पांच बजे पंचायतों की मतदाता सूची सार्वजनिक कर दी, जिससे चुनाव की तैयारियों को औपचारिक रूप से आगे बढ़ा दिया गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार जिन नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वे अब पंचायत सचिव या बीडीओ कार्यालय में मात्र दो रुपये शुल्क जमा कर अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत चुनाव के लिए यह शुल्क दो रुपये रखा गया है, जबकि शहरी निकायों में वोटर बनने के लिए 50 रुपये देने होंगे। हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव का शेड्यूल जारी होने तक नए मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकते हैं, हालांकि एक बार प्रकाशित हो चुकी सूची से किसी भी नाम को हटाया नहीं जाएगा।
राज्य में इस समय कुल 3,577 पंचायतें हैं और पंचायत क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या 55 लाख से अधिक बताई जा रही है। नए मतदाताओं के जुड़ने से यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। इसी बीच प्रदेश की 31 पंचायतों का पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन पूरा किया जा चुका है, जिसकी फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी गई है। मंजूरी मिलने के बाद इसे सार्वजनिक कर 15 दिनों के भीतर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। यह प्रक्रिया भी हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव की तैयारियों का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
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उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव 30 अप्रैल तक करवाने के आदेश दिए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग को 28 फरवरी को इस संबंध में हाईकोर्ट में स्थिति स्पष्ट करनी है। आयोग पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि नई पंचायतों के गठन को लेकर उसे कोई आपत्ति नहीं है। फिलहाल 29 पंचायतों को छोड़कर 3,548 पंचायतों की मतदाता सूची तैयार हो चुकी है, जिन्हें केवल सार्वजनिक किया जाना बाकी है।
इस बीच हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं का कार्यकाल आज समाप्त हो रहा है। एक फरवरी से पंचायतों की सभी शक्तियां प्रशासकों के पास चली जाएंगी। सरकार द्वारा प्रशासकों की नियुक्ति को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रस्ताव के अनुसार पंचायतों की जिम्मेदारी पंचायत सचिव या समिति को सौंपी जा सकती है, जबकि पंचायत समितियों की शक्तियां बीडीओ और जिला परिषद की जिम्मेदारी एडीसी को दिए जाने पर विचार चल रहा है। हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव से पहले यह अंतरिम व्यवस्था लागू की जाएगी।
पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह के अनुसार शनिवार को प्रशासकों की नियुक्ति को लेकर अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। वहीं, पंचायतीराज विभाग के सचिव सी. पालरासु सोमवार को ड्यूटी ज्वाइन करेंगे, जबकि राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त अनिल खाची अवकाश पर जा रहे हैं। इन तमाम प्रशासनिक गतिविधियों के बीच हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर प्रदेश का सियासी और प्रशासनिक माहौल पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
