जेएनवी पेखूबेला में दसवीं के छात्र के साथ रैगिंग और मारपीट का आरोप, शिक्षक की भूमिका पर भी सवाल
ऊना। (जवाहर नवोदय विद्यालय) जेएनवी पेखूबेला में पढ़ने वाले कक्षा दसवीं के एक छात्र के साथ रैगिंग और शारीरिक उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। छात्र की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रकरण में कुछ वरिष्ठ छात्रों के साथ-साथ एक शिक्षक पर भी मारपीट के आरोप लगाए गए हैं।
पीड़ित छात्र के अनुसार, जेएनवी पेखूबेला में 23 नवंबर 2025 को स्कूल परिसर में एक अध्यापक ने बिना किसी स्पष्ट कारण के उसके साथ दुर्व्यवहार किया। आरोप है कि शिक्षक ने उसके बाल खींचे और थप्पड़ मारे। इसके बाद उसे डराकर उन छात्रों के नाम लिखवाए गए, जो उस दिन सदन में जन्मदिन मना रहे थे। नाम बताने पर छात्र को उन्हीं विद्यार्थियों को बुलाकर लाने के लिए मजबूर किया गया, जिसके बाद शिक्षक ने उन छात्रों को भी थप्पड़ मारे।
छात्र का कहना है कि शिक्षक के वहां से चले जाने के बाद वरिष्ठ छात्रों ने उसके साथ रैगिंग की। उसे थप्पड़ मारे गए और जबरन पुश-अप्स करवाए गए। इस घटना के बाद वह लंबे समय तक मानसिक तनाव में रहा, जिससे उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हुई। छात्र ने आरोप लगाया कि उसने स्कूल प्रशासन, काउंसलर और अन्य जिम्मेदारों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कहीं से भी उसे सहयोग नहीं मिला।
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काफी समय बाद हिम्मत जुटाकर छात्र ने पूरी घटना अपने पिता को बताई। इसके बाद 15 जनवरी को अभिभावक द्वारा विद्यालय के प्राचार्य को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अंततः निराश होकर परिवार ने बुधवार को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
इस मामले पर जेएनवी पेखूबेला के प्राचार्य राज सिंह ने बताया कि छात्र के अभिभावक से फोन पर बातचीत हो चुकी है और शुक्रवार को सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, पुलिस अधीक्षक ऊना अमित यादव ने बताया कि छात्र की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। रैगिंग और मारपीट जैसे संवेदनशील आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
यह मामला एक बार फिर आवासीय विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा, रैगिंग रोकने की व्यवस्था और संस्थानों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
