चंबा में इंसानियत की मिसाल, छह किमी पैदल चल बुजुर्ग को पीठ पर उठाकर पहुंचाया अस्पताल
चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भारी बर्फबारी के बीच इंसानियत की एक मिसाल सामने आई है। उपमंडल भरमौर की ग्राम पंचायत रूहणूकोठी में 63 वर्षीय बुजुर्ग को डेढ़ से दो फीट जमी बर्फ के बीच ग्रामीणों ने पीठ पर उठाकर अस्पताल तक पहुंचाया। दुर्गम हालात और बंद सड़कों के बावजूद ग्रामीणों का हौसला नहीं टूटा।
जानकारी के अनुसार चंबा के सामरा सियुका गांव निवासी चुहडू राम, जो डायबिटीज से पीड़ित हैं, की तबीयत गुरुवार तड़के अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उनकी पत्नी दानी देवी और बेटी शिल्पा ने पड़ोसियों और पंचायत प्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई। सड़कें बंद होने के कारण एंबुलेंस या वाहन का पहुंचना संभव नहीं था।
इसके बाद ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया। एक-दूसरे की बारी लगाकर लोगों ने चुहडू राम को पीठ पर उठाया और करीब छह किलोमीटर का कठिन पैदल सफर तय कर कोहला तक पहुंचाया। वहां से निजी वाहन के माध्यम से उन्हें मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया गया, जहां बुजुर्ग का इलाज जारी है।
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पंचायत उपप्रधान देवो राम, वार्ड सदस्य शीलू, सुनील कुमार, अश्वनी कुमार और निचू राम ने बताया कि चंबा के इस क्षेत्र में हालिया भारी बर्फबारी के बाद जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कटा हुआ है और मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना बड़ी चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग पर नाराजगी जताते हुए कहा कि चंबा के ग्रामीण इलाकों में सड़कें कई दिनों बाद भी बहाल नहीं हो पाई हैं। बार-बार मांग उठाने के बावजूद बर्फ हटाने का कार्य शुरू नहीं हो सका, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इस घटना ने एक बार फिर चंबा में आपदा प्रबंधन और सड़क बहाली की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, लेकिन साथ ही यह भी दिखा दिया कि मुश्किल हालात में इंसानियत और सामूहिक प्रयास किसी भी चुनौती को मात दे सकते हैं।
