कालाअंब में बारिश से बदला मौसम का मिजाज, किसानों को राहत, जनजीवन रहा प्रभावित
कालाअंब (सिरमौर)। वीरवार मध्यरात्रि से तेज हवाओं के साथ शुरू हुई औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में बारिश का सिलसिला शुक्रवार तक जारी रहा। इस बारिश ने जहां लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे किसानों को बड़ी राहत दी है, वहीं आम जनजीवन पर इसका असर भी साफ दिखाई दिया। बीते एक सप्ताह से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी, लेकिन कालाअंब में बारिश ने मौसम को एकदम ठंडा कर दिया है।
शुक्रवार सुबह क्षेत्र का तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जिससे ठंड का असर फिर से बढ़ गया। लगातार हो रही कालाअंब में बारिश और तेज हवाओं के चलते कामकाजी लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारियों को बारिश और अंधड़ के बीच घरों से निकलना पड़ा, जिसके कारण कई कर्मचारी तय समय से देरी से अपने कार्यस्थलों पर पहुंचे।
वहीं, बारिश के कारण कच्चे रास्तों पर कीचड़ जमा हो गया, जिससे फिसलन बढ़ गई। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनने से आवागमन प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले तीन से चार महीनों से क्षेत्र में सूखे जैसे हालात बने हुए थे। ऐसे में सर्दी की इस पहली कालाअंब में बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशी लौटा दी है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कालाअंब में बारिश से गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों को पर्याप्त नमी मिली है, जो आने वाले समय में उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगी। किसानों के अनुसार यह बारिश फसलों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है।
हालांकि, तेज हवाओं के चलते कुछ जगहों पर पेड़ों की टहनियां टूटने और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने की भी खबरें हैं। ग्राम पंचायत कालाअंब की प्रधान रेखा चौधरी ने बताया कि वीरवार मध्यरात्रि से लगातार कालाअंब में बारिश हो रही है, लेकिन फिलहाल ग्रामीण क्षेत्रों में अंधड़ से किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
उधर, विद्युत उपमंडल कालाअंब के सहायक अभियंता महेश चौधरी ने बताया कि कालाअंब में बारिश और अंधड़ के कारण विभाग को करीब 20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। कई क्षेत्रों में बिजली की लाइनें टूट गईं और विद्युत पोल गिर गए। खराब मौसम के बावजूद विद्युत आपूर्ति बहाल करने का कार्य लगातार जारी है।
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