कौशल आधारित शिक्षा से प्रदेश के युवा बन रहे आत्मनिर्भर : हर्षवर्धन चौहान
आईटीआई शिलाई के कौशल दीक्षांत समारोह में उद्योग मंत्री ने युवाओं को दिया आत्मनिर्भर बनने का संदेश
नाहन (सिरमौर), 24 जनवरी। प्रदेश में कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से युवा आत्मनिर्भर बन रहे हैं। यह बात उद्योग, संसदीय मामले एवं श्रम-रोज़गार मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने जिला सिरमौर के शिलाई स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में आयोजित कौशल दीक्षांत समारोह के दौरान कही। उन्होंने समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
उद्योग मंत्री ने दीक्षांत प्राप्त करने वाले सभी प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए कहा कि आज का दौर कौशल आधारित शिक्षा का है, जिसमें केवल डिग्री नहीं बल्कि व्यावहारिक ज्ञान और तकनीकी दक्षता ही युवाओं को आत्मनिर्भर बनाती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए आईटीआई संस्थानों को सुदृढ़ कर रही है और आधुनिक तकनीक के अनुरूप पाठ्यक्रम लागू किए जा रहे हैं।
हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि वर्तमान समय में कौशल आधारित शिक्षा से जुड़े रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), मशीन लर्निंग और ड्रोन संचालन जैसे आधुनिक विषयों में तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान कर रही है, जिससे युवा रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ रोजगार प्रदाता भी बन सकें।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में रोजगार मेलों, कैंपस इंटरव्यू और संयुक्त कैंपस साक्षात्कारों के माध्यम से प्रशिक्षुओं को रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा है। कौशल आधारित शिक्षा युवाओं के लिए नई शुरुआत का माध्यम बन रही है, जो उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बना रही है।
उद्योग मंत्री ने प्रशिक्षुओं से आह्वान किया कि वे नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार की दिशा में भी कदम बढ़ाएं। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप, एमएसएमई और स्वरोजगार योजनाओं के तहत सरकार युवाओं को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है, जिससे कौशल आधारित शिक्षा का लाभ ज़मीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है।
उन्होंने नल जल मित्र योजना की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के 29 संस्थानों में जल वितरण संचालक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत आईटीआई शिलाई में 30 जल रक्षक एवं मल्टी टास्क वर्कर्स ने 45 दिनों का सफल प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिन्हें मंत्री द्वारा प्रमाण पत्र और मार्कशीट वितरित की गई।
समारोह में विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया।
आईटीआई शिलाई के प्रधानाचार्य नवीन कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए संस्थान की उपलब्धियों और भावी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान में तीन व्यवसायों में 88 परीक्षार्थी प्रशिक्षण ग्रहण कर रहे हैं। वर्ष 2024-25 में 68 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूर्ण किया, जिन्हें इस कौशल दीक्षांत समारोह में प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। इस अवसर पर मार्केटिंग कमेटी अध्यक्ष सीता राम शर्मा, एसडीएम शिलाई जसपाल, जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता प्रदीप चौहान, बीडीओ रवि जोशी, बीडीसी सदस्य रमेश नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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