चिट्टा तस्करी में लिप्त शिमला ट्रैफिक पुलिस के कांस्टेबल को किया बर्खास्त
आर्टिकल 311(2)(बी) के तहत सख्त कार्रवाई
शिमला। शोघी बैरियर पर चिट्टा तस्करी के मामले में पकड़े गए शिमला ट्रैफिक पुलिस के कांस्टेबल राहुल कुमार को सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक के निर्देशों पर भारतीय संविधान के आर्टिकल 311(2)(बी) के तहत की गई है।
जानकारी के अनुसार, शोघी बैरियर पर नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने राहुल कुमार के साथ गौरव और विकास को गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपियों के कब्जे से कुल 9.480 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। मामले में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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प्रदेश पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस कर्मी द्वारा चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाया जाना बेहद गंभीर मामला है। इससे न केवल विभाग की छवि धूमिल हुई है, बल्कि पुलिस बल में अनुशासन और नैतिकता पर भी प्रश्नचिन्ह लगा है। इसी को ध्यान में रखते हुए आर्टिकल 311(2)(बी) के तहत सेवा से बर्खास्तगी का फैसला लिया गया।
पुलिस मुख्यालय ने साफ संदेश दिया है कि चिट्टा तस्करों या चिट्टा के आदी व्यक्तियों के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस में कोई जगह नहीं है। साथ ही, शिमला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अधीन तैनात कर्मी के इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने पर कड़ी नाराजगी भी जाहिर की गई है।
गौरतलब है कि प्रदेश पुलिस लगातार चिट्टा तस्करी के खिलाफ अभियान चला रही है, इसके बावजूद शिमला पुलिस के कर्मियों का बार-बार ऐसे मामलों में पकड़ा जाना चिंता का विषय बनता जा रहा है। इससे पहले भी जिला शिमला में चार पुलिस कर्मचारी चिट्टा तस्करी के मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं।
शिमला पुलिस अब तक विभिन्न सरकारी विभागों में तैनात 28 कर्मचारियों को चिट्टा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है। इन सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए सूची प्रदेश सरकार को सौंप दी गई है। पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ यह मुहिम आगे भी सख्ती से जारी रहेगी।
