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Bilaspur RLA Branch Scam: दिल्ली क्राइम ब्रांच की छापेमारी, मुख्य आरोपी सीनियर असिस्टेंट गौरव फरार
फर्जी रजिस्ट्रेशन रैकेट पर शिकंजा, तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित
बिलासपुर: Bilaspur RLA Branch Scam में बड़ा खुलासा सामने आया है। चोरी की गाड़ियों के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण करने के मामले में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच के सिलसिले में टीम ने बुधवार रात और वीरवार को आरएलए झंडूता में तैनात सीनियर असिस्टेंट गौरव के घर और अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो गया।
सूत्रों के अनुसार, Bilaspur RLA Branch Scam का मुख्य आरोपी गौरव अग्रिम जमानत लेने के लिए दिल्ली रवाना हो चुका है। छापेमारी के दौरान दिल्ली क्राइम ब्रांच ने उसके आलीशान मकान और लग्जरी वाहनों की फोटोग्राफी भी की है, जिससे उसकी संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों की जांच को और मजबूती मिली है।
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बीएस-4 से बीएस-6 पोर्टल ट्रांजिशन में की गई फर्जी एंट्री
जांच में सामने आया है कि जब वाहन पंजीकरण पोर्टल को बीएस-4 से बीएस-6 में बदला जा रहा था, उसी दौरान बैकएंड सिस्टम का दुरुपयोग कर सैकड़ों गाड़ियों की फर्जी एंट्री की गई। उस समय गौरव आरएलए बिलासपुर में तैनात था और उसी अवधि को Bilaspur RLA Branch Scam की जड़ माना जा रहा है।
आरोप है कि गौरव के पास अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की लॉगइन आईडी व पासवर्ड थे, जिनका इस्तेमाल कर उसने नियमों को दरकिनार करते हुए फर्जी रजिस्ट्रेशन को अप्रूवल दिया। इस पूरे नेटवर्क का खुलासा गिरफ्तार किए गए सीनियर असिस्टेंट सुभाष चंद से पूछताछ के दौरान हुआ, जिसमें गौरव को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया।
गिरफ्तार कर्मचारी निलंबित, गौरव पर शिकंजा कसने की तैयारी
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 20 जनवरी को आरएलए के वरिष्ठ सहायक सुभाष चंद को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया। वहीं, उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि Bilaspur RLA Branch Scam में संलिप्त पाए जाने पर गौरव को सस्पेंड करने और चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि शिकायत में विशेष रूप से एचपी-97 (इंदौरा) सीरीज के तहत बीएस-4 श्रेणी के वाहनों के पंजीकरण में गंभीर अनियमितताओं की बात सामने आई है।
15 दिन में रिपोर्ट देगी तीन सदस्यीय जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवहन निदेशालय ने Bilaspur RLA Branch Scam की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इसके तहत तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसमें राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव, परिवहन निदेशालय के आईटी उप प्रबंधक त्रिलोक चंद, आरटीओ शिमला के वरिष्ठ मोटर वाहन निरीक्षक पंकज सिंह
शामिल हैं। समिति को 15 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट से आरएलए कार्यालय में हुई धांधलियों की कई परतें खुल सकती हैं।
