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हिमाचल में दवाओं के सैंपल फेल: दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल, 50 से अधिक दवा सैंपल हुए फेल
सोलन: हिमाचल प्रदेश में निर्मित दवाओं की गुणवत्ता को लेकर फिर सवाल खड़े हुए हैं। हाल ही में की गई जांच में राज्य में बनी बीपी, अल्सर, संक्रमण, एलर्जी और एसिडिटी समेत 50 दवाओं के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। ये सभी सैंपल दिसंबर माह में लिए गए थे, जिनकी रिपोर्ट अब सामने आई है।
देशभर में 167 दवाएं गुणवत्ता परीक्षण में असफल
राज्य औषधि नियंत्रण विभाग के अनुसार, देशभर में कुल 167 दवाओं के सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें से 93 सैंपल राज्य प्रयोगशाला और 74 सैंपल केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन (CDSCO) के स्तर पर मानकों पर सही नहीं उतरे।
इनमें हिमाचल प्रदेश की कुल 50 दवाएं शामिल हैं।
हिमाचल में दवाओं के सैंपल फेल: सोलन, सिरमौर और ऊना में सबसे अधिक सैंपल फेल
जिलावार आंकड़ों की बात करें तो—
सोलन जिला: 37 दवा सैंपल फेल
सिरमौर जिला: 11 सैंपल मानकों पर खरे नहीं
ऊना और कांगड़ा: एक-एक दवा सैंपल फेल
इन दवाओं में बैक्टीरियल संक्रमण, उच्च रक्तचाप, अल्सर, खून पतला करने, एसिडिटी और खांसी से जुड़ी दवाएं शामिल हैं।
किन कंपनियों की दवाएं जांच में फेल हुईं
जांच में सामने आया है कि हिमाचल की कई नामी फार्मा कंपनियों की दवाओं के सैंपल गुणवत्ता परीक्षण में असफल रहे—
थियोन फार्मा – 4 दवाएं
माया बायोटेक, जी लेबोट्री – 3-3 सैंपल
क्रस्ट लाइफ साइंस, मार्टिन एंड ब्राउन, अलोप मेडिसाइंस, हिल्लर लैब, अल्ट्रा ट्रेक – 2-2 सैंपल
बीपी, एलर्जी और संक्रमण की दवाएं भी फेल
कई महत्वपूर्ण बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे—
बीपी की दवाएं: बेनिट फार्मास्युटिकल, फार्मा रूट, सेनरस ग्लोबल
एलर्जी की दवाएं: अथेन्स लाइफ साइंस, अल्ट्रा ड्रग, थियोन फार्मा
संक्रमण की दवाएं: एमजी बायोटेक, सनवेट, जी लेबोट्री
खांसी, एसिडिटी और अल्सर की दवाओं पर भी सवाल
इसके अलावा—
खांसी की दवाएं: बेफिन बायोटेक, नवकार, अलोप मेडिसाइंस
एसिडिटी की दवाएं: टोर्क कंपनी की रेबोप्रोजोल, मार्टिन एंड ब्राउन
अल्सर की दवाएं: संप्रकर बायोटेक, मोरवेलन फार्मास्युटिकल
इन सभी दवाओं के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर सही नहीं पाए गए।
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पैरासिटामोल, कैल्शियम और एंटीबायोटिक भी जांच में फेल
चिंताजनक बात यह रही कि—
पैरासिटामोल (ओरिसन फार्मा)
कैल्शियम व विटामिन सप्लीमेंट (हिल्लर लैब)
एंटीबायोटिक ओमॉक्सीसीलीन और क्लोपीडोग्रेल
जैसी आम उपयोग की दवाओं के सैंपल भी फेल पाए गए हैं।
ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
राज्य औषधि नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि जिन कंपनियों की दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनके खिलाफ ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि—
बाजार से संबंधित दवाओं का स्टॉक वापस मंगवाया जाएगा
कंपनियों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
विभाग स्वयं दोबारा सैंपल जांच करेगा।
मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
औषधि विभाग का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर दवा कंपनियों पर कठोर कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
