प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4: हिमाचल को 294 सड़कों की सौगात
ग्रामीण कनेक्टिविटी होगी मजबूत
शिमला। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण और दुर्गम इलाकों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 (PMGSY-4) के तहत वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश में 294 सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह मंजूरी योजना के बैच-1 के अंतर्गत दी गई है, जिससे राज्य में ग्रामीण सड़क नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो शिमला जिले को सबसे अधिक 97 सड़कें मिली हैं। इसके बाद चंबा और कुल्लू को 65-65, मंडी को 23, कांगड़ा को 12 और सिरमौर जिले को 11 सड़क परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। वहीं किन्नौर को 8, बिलासपुर को 4 और सोलन को 3 सड़कें मिली हैं। इसके अतिरिक्त हमीरपुर, लाहौल-स्पीति और ऊना जिलों के लिए दो-दो सड़कें मंजूर की गई हैं। योजना में विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।
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लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इन प्रस्तावों की समीक्षा सशक्त समिति की बैठक में 4 नवंबर 2025 को की गई थी। समिति की सिफारिशों और राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत अनुपालन रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार ने इन परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी दी।
उन्होंने बताया कि स्वीकृत 294 सड़क कार्यों की कुल लंबाई 1,538.058 किलोमीटर है, जिन पर करीब 2,247.24 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें से 2,019.70 करोड़ रुपये ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा वहन किए जाएंगे, जबकि 227.54 करोड़ रुपये राज्य सरकार के हिस्से के रूप में खर्च किए जाएंगे। इसमें उच्च विनिर्देश लागत के तहत 3.124 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। प्रति किलोमीटर औसत लागत 146.11 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत स्वीकृत परियोजनाओं से प्रदेश के दूरदराज गांवों में सड़क संपर्क बेहतर होगा। इससे न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच भी मजबूत होगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
विक्रमादित्य सिंह ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह परियोजनाएं हिमाचल प्रदेश की ग्रामीण अवसंरचना को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
