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सीडीएल कसौली की रिपोर्ट
हिमाचल: सरकारी स्नेक वेनम एंटी सीरम का सैंपल जांच में फेल
सोलन: सरकारी अस्पतालों में उपयोग होने वाले स्नेक वेनम एंटी सीरम को लेकर एक अहम खुलासा सामने आया है। देशभर में सप्लाई किए जा रहे इस एंटी सीरम का एक सैंपल गुणवत्ता जांच में असफल पाया गया है। यह जांच हिमाचल प्रदेश स्थित केंद्रीय ड्रग्स लैबोरेटरी (सीडीएल) कसौली में की गई थी।
जानकारी के अनुसार यह स्नेक वेनम एंटी सीरम महाराष्ट्र सरकार की इकाई हाफकिन बायो फार्मा द्वारा तैयार किया गया था। प्रयोगशाला परीक्षण के दौरान एंटी सीरम में निर्धारित सीमा से अधिक नमी (मॉइश्चर कंटेंट) पाई गई, जिसके कारण सैंपल को फेल घोषित कर दिया गया। जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार को भेज दी गई है।
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सैंपल फेल होने के बाद संबंधित बैच के स्नेक वेनम एंटी सीरम के उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित बैच का एंटी सीरम बाजार में भी उपलब्ध नहीं कराया जाएगा, ताकि मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
बताया जा रहा है कि जांच के दौरान एंटी सीरम वर्ष 2022 में लागू किए गए नए गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतर पाया। सीडीएल कसौली की आधिकारिक वेबसाइट पर भी सैंपल फेल होने की पुष्टि दर्ज की गई है। गौरतलब है कि सीडीएल कसौली देश में तैयार और आयात होने वाले सभी प्रकार के वैक्सीन और एंटी सीरम की गुणवत्ता जांच करने वाली प्रमुख संस्था है।
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बिना सीडीएल की मंजूरी के किसी भी स्नेक वेनम एंटी सीरम या वैक्सीन का मानव शरीर पर उपयोग नहीं किया जा सकता। यदि कोई उत्पाद तय मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो उसे बाजार में उतारने की अनुमति नहीं दी जाती।
मॉइश्चर मानकों में हुआ बदलाव
विशेषज्ञों के अनुसार, स्नेक वेनम एंटी सीरम में नमी की मात्रा को लेकर वर्ष 2022 में मानकों में बदलाव किया गया था। पहले यह सीमा एक प्रतिशत तक निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर तीन प्रतिशत किया गया। हालांकि, जांच में नमी की मात्रा इस सीमा से अधिक पाई गई, जिसके चलते सैंपल फेल हो गया।
