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Himachal: एचपीयू के सीडीओई में पढ़ाई हुई महंगी, नए प्रवेश लेने वालों पर बढ़ा फीस का बोझ
शिमला: (HPU CDOE Fees Hike) – हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र (सीडीओई) से पढ़ाई करने की योजना बना रहे नए विद्यार्थियों को अब पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों की फीस में करीब 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी लागू कर दी है। यह संशोधित फीस संरचना कार्यकारी परिषद (ईसी) की स्वीकृति के बाद लागू की गई है।
HPU CDOE Fees Hike – सीडीओई ने सोमवार से नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों स्तरों पर पढ़ाई अब महंगी हो गई है। संशोधित फीस के अनुसार बीए प्रथम वर्ष के लिए अब छात्रों को सालाना 6,240 रुपये चुकाने होंगे, जबकि पहले यह राशि 4,800 रुपये थी। इसी तरह बीकॉम की वार्षिक फीस 5,400 रुपये से बढ़कर 7,020 रुपये कर दी गई है।
स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की फीस में भी इजाफा किया गया है। एमए के लिए अब 4,290 रुपये फीस तय की गई है, जो पहले 3,300 रुपये थी। एमकॉम की फीस 3,600 रुपये से बढ़ाकर 4,680 रुपये कर दी गई है। वहीं, एमएड पाठ्यक्रम में पढ़ाई करने वाले नए छात्रों को अब 5,590 रुपये देने होंगे, जो पहले 4,300 रुपये थी।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। डिजिटल संसाधनों के विस्तार, अध्ययन सामग्री की गुणवत्ता सुधारने और परीक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से फीस में संशोधन किया गया है।
आरक्षित वर्गों को राहत, फीस में कोई बदलाव नहीं
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को इस बढ़ोतरी से राहत दी गई है। इन वर्गों के छात्रों से पहले की तरह कुल 1,000 रुपये ही लिए जाएंगे, जिसमें 500 रुपये प्रवेश शुल्क और 500 रुपये अध्ययन सामग्री शुल्क शामिल रहेगा।
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पुराने छात्रों पर नहीं पड़ेगा असर
सीडीओई के निदेशक प्रदीप कुमार ने स्पष्ट किया है कि नई फीस व्यवस्था केवल नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर ही लागू होगी। जो छात्र पहले से किसी पाठ्यक्रम में अध्ययनरत हैं, उनसे वही फीस ली जाएगी जो उनके प्रवेश के समय निर्धारित थी। इसका उद्देश्य वर्तमान छात्रों पर किसी भी तरह का अतिरिक्त आर्थिक दबाव न डालना है।
