औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में एलपीजी गैस का खुला कारोबार
सुरक्षा को ताक पर रख कर कमाया जा रहा धन
कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में अवैध एलपीजी रिफिलिंग का कारोबार खुलेआम चल रहा है, जहां अग्नि सुरक्षा नियमों को पूरी तरह दरकिनार किया जा रहा है। क्षेत्र में कई राशन विक्रेता और ढाबा संचालक बड़े एलपीजी सिलिंडरों से छोटे 5 किलोग्राम क्षमता वाले सिलिंडरों में गैस भरकर उन्हें 100 से 125 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेच रहे हैं। यह गतिविधि न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि जनसुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र मोगीनंद, मैनथापल, कालाअंब, जोहड़ों और खैरी में करीब डेढ़ दर्जन राशन विक्रेता और ढाबा संचालक इस अवैध एलपीजी रिफिलिंग के धंधे में संलिप्त हैं। क्षेत्र में अधिकतर एलपीजी गैस पड़ोसी राज्य के निकटवर्ती शहरों से अवैध तरीके से बाइकों के माध्यम से आ रही है। हालांकि संबंधित विभागों द्वारा पहले भी कई बार कार्रवाई की जा चुकी है और मौके से सिलिंडर जब्त किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद इन दुकानदारों के हौसले कम नहीं हो रहे।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बड़े एलपीजी सिलिंडरों से छोटे सिलिंडरों में गैस भरना पूरी तरह अवैध है। सुरक्षा मानकों के लिहाज से यह प्रक्रिया अत्यंत खतरनाक है और इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अलावा, इनमें से अधिकांश दुकानदारों ने अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भी नहीं लिया है।
इस संबंध में अग्निशमन केंद्र के अधिकारी राजकुमार ने बताया कि अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र केवल अधिकृत एलपीजी वितरकों यानी गैस एजेंसियों को ही दिया जा सकता है। खुदरा स्तर पर एलपीजी गैस की बिक्री अनाधिकृत और अवैध श्रेणी में आती है, इसलिए ऐसे विक्रेता एनओसी के पात्र नहीं हैं।
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कुल मिलाकर, कालाअंब क्षेत्र में चल रहा अवैध एलपीजी रिफिलिंग का यह कारोबार न केवल कानून की अवहेलना है, बल्कि आम लोगों की जान के लिए भी बड़ा खतरा साबित हो सकता है। जरूरत है कि संबंधित विभाग सख्त कार्रवाई करते हुए इस पर पूरी तरह रोक लगाएं, ताकि किसी संभावित हादसे को समय रहते टाला जा सके।
