कालाअंब में आरएएमपी व इंडस्ट्री 4.0 पर जागरूकता कार्यक्रम
नाहन (सिरमौर)। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से कालाअंब में आरएएमपी व इंडस्ट्री 4.0 पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उद्योग विभाग केंद्र नाहन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें क्षेत्र के उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डीआईसी कालाअंब के सदस्य सचिव गुरुप्यारा राम ने की। इस अवसर पर आरएएमपी परियोजना के तहत सीईएल से प्रोजेक्ट गवर्नेंस हेड साक्षी सत्ती और इकोनॉमी इन्वेस्टिगेटर मनीष मजटा विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों को इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करना था, जिससे वे उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा में सुधार कर सकें।
सीईएल के विषय विशेषज्ञ इलयराजा सवरी मरियादास ने सत्र के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, ईआरपी और सीआरएम जैसी आधुनिक डिजिटल तकनीकों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरएएमपी और इंडस्ट्री 4.0 समाधान अपनाने से एमएसएमई इकाइयां लागत कम करने के साथ-साथ अपने व्यवसाय को भविष्य के अनुरूप ढाल सकती हैं।
कार्यक्रम में एमएसएमई पंजीकरण पात्रता पोर्टल के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसके माध्यम से उद्योग इकाइयां पंजीकरण कर सरकारी योजनाओं, ओपन मार्केट एक्सेस और अन्य लाभों का लाभ उठा सकती हैं। वक्ताओं ने बताया कि आरएएमपी पहल, जिसे भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है, एमएसएमई इकोसिस्टम को सशक्त बनाने और तकनीकी उन्नयन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सत्र के दौरान हिमाचल प्रदेश में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध योजनाओं, टूलकिट्स और सहायता प्रणालियों पर भी चर्चा की गई। सदस्य सचिव गुरुप्यारा राम और साक्षी सत्ती ने उद्यमियों से आह्वान किया कि वे इंडस्ट्री 4.0 आधारित स्मार्ट तकनीकों को अपनाकर बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करें।
कार्यक्रम में कुल 33 एमएसएमई प्रतिनिधियों, तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग साझेदारों ने भाग लिया। अंत में क्लस्टर स्तर पर आरएएमपी और इंडस्ट्री 4.0 समाधान लागू करने के व्यावहारिक पहलुओं पर इंटरैक्टिव चर्चा के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
