चंबा के रेटा गांव में फर्जी डॉक्टर का पर्दाफाश
एक्सपायरी स्टेरॉयड इंजेक्शन लगाते रंगे हाथ पकड़ा गया
चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रेटा गांव में सक्रिय फर्जी डॉक्टर के अवैध क्लीनिक का भंडाफोड़ किया है। यह क्लीनिक शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर संचालित हो रहा था, जहां बिना किसी मेडिकल डिग्री या पंजीकरण के लोगों का इलाज किया जा रहा था।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिकायत के आधार पर जब मौके पर छापा मारा, तो फर्जी डॉक्टर एक मरीज को इंजेक्शन लगा रहा था। जांच के दौरान सामने आया कि यह इंजेक्शन स्टेरॉयड था, जिसकी एक्सपायरी डेट पहले ही समाप्त हो चुकी थी। ऐसे इंजेक्शन से मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
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जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी बिना किसी चिकित्सकीय योग्यता के बवासीर जैसे गंभीर रोगों की कथित सर्जरी भी कर रहा था। एक कमरे में चल रहे इस क्लीनिक में भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयों और इंजेक्शनों का अवैध भंडारण किया गया था।
छापेमारी के दौरान विभागीय टीम ने मौके से करीब 35 हजार रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और 52 प्रकार की अलग-अलग दवाइयां जब्त कीं। प्रारंभिक जांच में सभी दवाइयां अवैध रूप से खरीदी गई पाई गई हैं। कार्रवाई के दौरान स्थानीय निवासी हेम राज, लेख राज, राज कुमार और तेज राम को गवाह के रूप में शामिल किया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने फर्जी डॉक्टर को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर दवाइयों की खरीद और बिक्री से जुड़े सभी दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए हैं। बिलों की जांच के आधार पर उन थोक दवा विक्रेताओं की पहचान की जा रही है, जिन्होंने अवैध रूप से दवाइयां सप्लाई कीं। उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच पूरी होने के बाद कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि इलाज से पहले चिकित्सक की योग्यता और पंजीकरण की जानकारी अवश्य जांचें, ताकि फर्जी डॉक्टरों से बचा जा सके।
