व्यवसायिक शिक्षा कार्यक्रम के तहत स्थानीय कारीगर और व्यवसायियों ने बच्चों को आत्मनिर्भरता और रोजगार के अवसरों की दी जानकारी
कालाअंब (सिरमौर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय त्रिलोकपुर में छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा कार्यक्रम के तहत विभिन्न पारंपरिक एवं आधुनिक व्यवसायों की जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ना और उनमें आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान मिट्टी के बर्तन, दीये और सजावटी सामान बनाने वाले स्थानीय कारीगर मदन लाल ने विद्यार्थियों को कुम्हार कला की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने मिट्टी से बर्तन और दीये तैयार करने की प्रक्रिया को मौके पर ही बनाकर दिखाया, जिसे देखकर विद्यार्थी खासे उत्साहित नजर आए। कई विद्यार्थियों ने पहली बार मिट्टी से कलाकृतियां बनते हुए देखीं, जो उनके लिए एक नया और रोचक अनुभव रहा।
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इसके अलावा स्थानीय सौंदर्य प्रसाधन व्यवसायी नेहा ने विद्यार्थियों को सौंदर्य प्रसाधनों की उपयोगिता, बढ़ती मांग, स्वच्छता के महत्व और इस क्षेत्र में व्यवसाय की पारदर्शिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सही प्रशिक्षण और ईमानदारी से यह क्षेत्र रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करा सकता है।
विद्यालय की प्रधानाचार्य प्रिया तोमर ने कहा कि व्यवसायिक शिक्षा सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न व्यवसायों की जानकारी देकर उन्हें भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को पारंपरिक हुनर और आधुनिक व्यवसायों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय की एसएमसी प्रधान पवन भारद्वाज सहित कमलेश, मंजू, निधि, प्रियंका बंसल, विवेक, दीपिका, सोहन लाल, प्रदीप और कुणाल भी उपस्थित रहे।
