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Himachal Chitta Action: चिट्टा नेटवर्क पर सरकार का कड़ा प्रहार, 11 पुलिसकर्मी बर्खास्त
शिमला (Himachal Chitta Action): हिमाचल प्रदेश में चिट्टा और नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत राज्य सरकार ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है। एनडीपीएस एक्ट के मामलों में संलिप्त पाए जाने पर 11 पुलिस कर्मियों को सोमवार को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। यह कार्रवाई सरकार की नशे के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति के अनुरूप की गई है।
प्रदेश सरकार ने यह कदम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(बी) के तहत उठाया है, जिसमें अनुशासनहीनता और गंभीर अपराध में संलिप्त कर्मियों को बिना विभागीय जांच के सेवा से हटाने का प्रावधान है। सरकार के इस फैसले को पुलिस तंत्र के भीतर स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि कानून तोड़ने वालों के लिए वर्दी कोई ढाल नहीं बनेगी।
बर्खास्त किए गए कर्मियों में इंस्पेक्टर, कांस्टेबल और ड्राइवर पद पर तैनात कर्मचारी शामिल हैं, जो भारतीय रिजर्व बटालियन, एसडीआरएफ, स्टेट सीआईडी, एसवी एंड एसीबी और जिला पुलिस इकाइयों में कार्यरत थे। सभी पर चिट्टा तस्करी या इससे जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप प्रमाणित पाए गए।
सुक्खू बोले: अगर रक्षक ही भक्षक बनें तो सख्ती जरूरी | Himachal Chitta Action
शिमला में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने साफ शब्दों में कहा कि चिट्टा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि पुलिस कर्मी ही इस अवैध धंधे में शामिल होंगे, तो उनके खिलाफ कठोर कदम उठाना अनिवार्य है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा तस्करी से जुड़े किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह सरकारी कर्मचारी ही क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि नशे से जुड़े मामलों में संलिप्त कर्मचारियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द मुख्य सचिव को भेजी जाए।
Himachal Chitta Action: चिट्टे की कमाई से बनी संपत्ति भी होगी जब्त
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि चिट्टे की अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों का पूरा ब्योरा सरकार को सौंपा जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सूचना देने वालों के लिए इनाम राशि की घोषणा करते हुए कहा कि
2 ग्राम तक की सूचना पर ₹10,000
5 ग्राम पर ₹25,000
25 ग्राम पर ₹50,000
1 किलो पर ₹5 लाख
1 किलो से अधिक मात्रा पर ₹10 लाख तक का इनाम दिया जाएगा।
बड़े गिरोह की सूचना देने पर इससे भी अधिक पुरस्कार राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि चिट्टे से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए 112 आपातकालीन नंबर सक्रिय किया गया है और आम जनता से सहयोग की अपील की गई है।
सरकार की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ लड़ाई में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है, जो यह स्पष्ट करता है कि हिमाचल में चिट्टा कारोबार के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचेगा।
