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हरिपुरधार हादसे के बाद बसों पर पुलिस मुख्यालय की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
नियम तोड़ने पर ड्राइवर-कंडक्टर पर सीधे FIR से बस जब्ती तक कार्रवाई
शिमला/नाहन। हरिपुरधार में हुए दर्दनाक बस हादसे के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। राज्य पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अब सरकारी और निजी बसों में यातायात नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस मुख्यालय की ओर से प्रदेश के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि बसों में गंभीर ट्रैफिक उल्लंघन पाए जाने पर सीधे एफआईआर दर्ज की जाए। इसके लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाकर बस चालकों के साथ-साथ परिचालकों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
किन मामलों में होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय के अनुसार ओवर स्पीडिंग, ओवरलोडिंग, खतरनाक मोड़ों पर लापरवाही, क्षमता से अधिक सवारियां बैठाना, तकनीकी रूप से असुरक्षित बसों का संचालन, नशे की हालत में वाहन चलाना और बिना वैध दस्तावेज बस चलाने जैसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में चलने वाली बसों की फिटनेस, ब्रेक सिस्टम, टायरों की स्थिति और इमरजेंसी उपकरणों की गहन जांच की जाएगी। एक से अधिक नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वाहन जब्त करने का प्रावधान भी लागू किया जाएगा।
मोटर वाहन अधिनियम के साथ भारतीय न्याय संहिता भी लागू
नियमों की अनदेखी पर मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई के साथ-साथ गंभीर मामलों में भारतीय न्याय संहिता की धाराएं भी लगाई जाएंगी। इनमें लापरवाही से वाहन चलाने, हादसे में मृत्यु होने और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
दुर्गम क्षेत्रों की बसें पुलिस की प्राथमिकता
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि लंबी दूरी और दुर्गम इलाकों में चलने वाली बसों पर विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
जनता से सहयोग की अपील
प्रदेश पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी बसों द्वारा नियमों का उल्लंघन होता दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से ही सड़क हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
