प्यारी बहना योजना सहित Social Security Pension योजनाओं के तहत 8.42 लाख लाभार्थियों को मिल रहा लाभ
दिव्यांगों के लिए बिना आय सीमा सहायता
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लंबित भुगतान जल्द जारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से पांगी, लाहौल-स्पीति, डोडरा क्वार और कुपवी जैसे दुर्गम व जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले पात्र लोगों तक सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ समय पर पहुंचाने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए एक समग्र और समावेशी सहायता प्रणाली विकसित कर रही है। उन्होंने बताया कि बिना किसी आय सीमा के दिव्यांग राहत भत्ता प्रदान कर इसे सार्वभौमिक बनाया गया है। वर्तमान में दिव्यांग व्यक्तियों को 1,150 रुपये से लेकर 1,700 रुपये तक मासिक पेंशन दी जा रही है।
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शिक्षा के क्षेत्र में भी दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सरकार ने बिना आय सीमा के छात्रवृत्ति योजना लागू की है। इसके तहत 625 रुपये से 5,000 रुपये प्रतिमाह तक की सहायता दी जा रही है। अब तक 3,100 विद्यार्थियों को इसका लाभ मिला है और 3.77 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह के लिए 25,000 रुपये से 50,000 रुपये तक का विवाह प्रोत्साहन अनुदान भी दिया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत 212 लाभार्थियों को अब तक 74.49 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा विशेष गृहों और वृद्धाश्रमों में रह रहे दिव्यांगजनों व बुजुर्गों को प्रमुख त्योहारों पर प्रति व्यक्ति 500 रुपये का उत्सव अनुदान दिया जा रहा है, जिससे 2,128 लाभार्थियों को 75.43 लाख रुपये का लाभ मिला है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि विधवा, परित्यक्त एवं एकल महिलाओं तथा 40 से 69 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए आय सीमा और ग्राम सभा की स्वीकृति की शर्त को समाप्त कर दिया गया है। इस फैसले से पेंशन स्वीकृति की प्रक्रिया सरल हुई है और पात्र लोगों को बिना अनावश्यक प्रशासनिक अड़चनों के लाभ मिल रहा है।
इन सुधारों के परिणामस्वरूप वर्तमान में प्रदेश में करीब 8.42 लाख लोग सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। इनमें वरिष्ठ नागरिक, विधवाएं, एकल महिलाएं और दिव्यांगजन शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार 1,04,740 लाभार्थी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, 5,04,253 वृद्धावस्था पेंशन, 25,414 इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन, 1,26,808 विधवा, परित्यक्त एवं एकल महिला पेंशन, 1,340 इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन तथा 78,291 दिव्यांग राहत भत्ता प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते तीन वर्षों में 99,799 नए पेंशन मामलों को स्वीकृति दी गई है, जो सामाजिक सुरक्षा के दायरे में निरंतर हो रहे विस्तार को दर्शाता है।
