40 हजार मानदेय पर रखे जाएंगे सेवानिवृत्त पटवारी, सीएम सुक्खू ने दी जानकारी
सोलन। कंडाघाट में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान सीएम सुक्खू ने राजस्व व्यवस्था को सुदृढ़ करने को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्टाफ की कमी को देखते हुए सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को मानदेय पर हायर किया जाएगा। इस निर्णय से जमीन से जुड़े मामलों के शीघ्र निपटारे में मदद मिलेगी और आम लोगों को राहत मिलेगी।
सीएम सुक्खू ने जानकारी दी कि जमीन की तकसीम (बंटवारा) का कार्य सप्ताह में तीन दिन किया जाएगा। इसके लिए सेवानिवृत्त पटवारियों को 40 हजार रुपये प्रतिमाह, कानूनगो को 50 हजार रुपये, नायब तहसीलदार को 60 हजार रुपये और तहसीलदार को 70 हजार रुपये प्रतिमाह के मानदेय पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था अस्थायी रूप से तब तक लागू रहेगी, जब तक स्थायी स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो जाती।
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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में जमीन से संबंधित कई ऑनलाइन मामले लंबे समय से लंबित हैं। सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकार जल्द ही ऐसे सभी लंबित मामलों के समाधान के लिए ठोस कदम उठाएगी, ताकि आम जनता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
सीएम सुक्खू ने फोरलेन निर्माण कार्यों का किया औचक निरीक्षण
कंडाघाट दौरे के दौरान सीएम सुक्खू ने कैथलीघाट के समीप सोलन-कैथलीघाट और कैथलीघाट-ढली फोरलेन परियोजना के निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली।
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निरीक्षण के दौरान सीएम सुक्खू ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करना बेहद जरूरी है, क्योंकि पिछली बरसात में जल निकासी की कमी के कारण भारी नुकसान हुआ था। इस समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए डायवर्जन प्वाइंट्स पर पर्याप्त साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर और सुरक्षा संकेतक लगाने के भी निर्देश दिए। सीएम सुक्खू ने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
