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धर्मशाला छात्रा मौत मामला | मुख्यमंत्री सुक्खू का सख्त एक्शन
शिमला। हिमाचल प्रदेश के राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की पूर्व छात्रा की मौत मामले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सख्त रुख अपनाया है। धर्मशाला छात्रा मौत मामले में आरोपी प्रोफेसर को मुख्यमंत्री के निर्देशों पर तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने शनिवार शाम इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए।
वीडियो बयान में नाम आने पर हुई कार्रवाई
सीएम सुक्खू ने सोलन के कंडाघाट में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि छात्रा द्वारा दिए गए वीडियो बयान में जिस प्रोफेसर का नाम सामने आया है, उसे बिना देरी किए निलंबित किया गया है। धर्मशाला छात्रा मौत मामले की जांच कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) सहित सभी पहलुओं से की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने गठित की जांच समिति
धर्मशाला छात्रा मौत मामले की प्रारंभिक जांच के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न, रैगिंग और जातिसूचक टिप्पणियों जैसे सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी। समिति को तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
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समिति के सदस्य
अध्यक्ष: डॉ. हरीश कुमार, अतिरिक्त उच्च शिक्षा निदेशक (कॉलेज)
सदस्य:
डॉ. अंजू आर चौहान (प्रिंसिपल, राजकीय कॉलेज ढलियारा)
डॉ. प्रदीप कुमार कौंडल (प्रिंसिपल, राजकीय कॉलेज बैजनाथ)
डॉ. राजेश कुमार (प्रिंसिपल, राजकीय कॉलेज नौरा)
उच्च शिक्षा निदेशालय के अधिक्षक ग्रेड-2 राकेश वर्मा समिति को रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान
धर्मशाला छात्रा मौत मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष ने हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर तत्काल एफआईआर, आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच, पोस्टमार्टम और मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने पांच दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
राज्य महिला आयोग और एससी-एसटी आयोग भी सक्रिय
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने एसपी कांगड़ा से रिपोर्ट तलब की है। वहीं छात्रा को कथित रूप से जातिसूचक शब्दों से प्रताड़ित किए जाने के आरोपों को देखते हुए हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग ने भी पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।
यूजीसी करेगा स्वतंत्र जांच
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने भी धर्मशाला छात्रा मौत मामले को गंभीर मानते हुए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। यूजीसी अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कॉलेज प्राध्यापक संघ ने निष्पक्ष जांच की मांग की
हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ ने छात्रा की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। संघ का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। किसी भी निष्कर्ष पर जल्दबाजी में नहीं पहुंचा जाना चाहिए।
छात्रा को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरे संगठन
धर्मशाला छात्रा मौत मामले में न्याय की मांग को लेकर सीपीआईएम ने शिमला में जिलाधीश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं धर्मशाला में भी विभिन्न संगठनों ने डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग उठाई।
