अवैध शराब तस्करी मामले में हरियाणा के व्यक्ति को तीन साल की सजा
नाहन (सिरमौर)। अवैध शराब तस्करी के एक गंभीर मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने अवैध शराब तस्करी में संलिप्त आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
न्यायिक मजिस्ट्रेट अंशुल मलिक की अदालत ने हरियाणा के तहसील बिलासपुर निवासी राज कुमार को हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 39(1)(ए) के तहत अवैध शराब तस्करी का दोषी ठहराया। साथ ही मोटर वाहन अधिनियम की धारा 181 के अंतर्गत भी उसे सजा सुनाई गई।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक यह मामला पुलिस थाना शिलाई क्षेत्र से जुड़ा है। 10 मार्च 2019 को पुलिस टीम शिलाई क्षेत्र के टिंबी–बकरास मोड़ के पास वाहनों की नियमित जांच कर रही थी। इसी दौरान हरियाणा नंबर की एक कार को जांच के लिए रोका गया। तलाशी के दौरान वाहन से अवैध शराब तस्करी का खुलासा हुआ।
पुलिस ने कार से विदेशी शराब के 5 कार्टन और देसी शराब के 10 कार्टन बरामद किए। प्रत्येक कार्टन में 12 बोतलें थीं। इस प्रकार कुल 90 लीटर शराब बिना किसी वैध परमिट के ले जाई जा रही थी। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी अवैध शराब तस्करी के उद्देश्य से शराब का परिवहन कर रहा था।
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जांच के दौरान आरोपी वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी पेश नहीं कर सका। इस पर पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की और अवैध शराब तस्करी में प्रयुक्त वाहन को जब्त कर लिया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पुलिस अधिकारियों सहित कुल 10 स्वतंत्र गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि बरामद की गई शराब की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक थी। ऐसे मामलों में अवैध शराब तस्करी को रोकने के लिए न्यूनतम सजा देना कानूनन आवश्यक है।
अदालत के इस फैसले को अवैध शराब तस्करी के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है, जिससे भविष्य में ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
