नशीली दवाओं के मामले में दोनों आरोपी बरी | Sirmaur News
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर के पांवटा साहिब से जुड़े एक पुराने नशीली दवाओं के मामले में विशेष न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। यमुना बैरियर पर नशीली दवाओं की बरामदगी के मामले में अदालत ने दोनों आरोपियों विवेक शील और पंकज गौतम को बरी कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह असफल रहा।
यह मामला अप्रैल 2014 का है। चुनाव ड्यूटी के दौरान पुलिस ने पांवटा साहिब स्थित यमुना बैरियर पर एक मोटरसाइकिल को जांच के लिए रोका था। मोटरसाइकिल पर सवार विवेक शील और पंकज गौतम के कब्जे से कथित तौर पर 720 कैप्सूल बरामद किए गए थे। पुलिस का आरोप था कि दोनों आरोपी नशीली दवाओं से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके चलते उनके खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
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अदालत में चली लंबी सुनवाई के दौरान नशीली दवाओं से जुड़े इस केस में कई गंभीर खामियां सामने आईं। स्वतंत्र गवाहों के बयान अभियोजन पक्ष के समर्थन में साबित नहीं हो पाए। इसके अलावा दवाओं की जब्ती और सैंपल लेने की प्रक्रिया में भी नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे केस कमजोर पड़ गया।
विशेष न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि केवल नशीली दवाओं का कथित कब्जा होना ही पर्याप्त नहीं है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह साबित करना जरूरी होता है कि दवाएं बिक्री या वितरण के उद्देश्य से रखी गई थीं। अभियोजन इस अहम बिंदु को सिद्ध करने में नाकाम रहा।
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अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि जब तक कानूनी प्रावधानों का सही तरीके से पालन न किया जाए और सबूतों की पूरी कड़ी स्थापित न हो, तब तक आरोपियों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इसी आधार पर इस मामले में दोनों आरोपियों को बरी कर दिया गया।
अंत में अदालत ने आदेश दिया कि आरोपियों के जमानत बांड समाप्त किए जाएं और जब्त की गई सामग्री का निपटान नियमों के अनुसार किया जाए।
