खैर की मार्किंग के बदले रिश्वत लेते वन बीट अधिकारी को विजिलेंस ने दबोचा
गूगल पे से हुई थी रकम ट्रांसफर
बिलासपुर। खैर के पेड़ों की मार्किंग के बदले रिश्वत मांगने और लेने के मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने वन विभाग के एक बीट अधिकारी को रंगे हाथों हिरासत में लिया है। आरोपी अधिकारी पर रिश्वत लेने का आरोप सिद्ध होने के बाद उसके खिलाफ थाना सतर्कता बिलासपुर में एफआईआर दर्ज की गई है।
यह मामला सुरेश कुमार पुत्र प्रेम सिंह, निवासी चलेली, डाकघर नोआ, तहसील सदर व जिला बिलासपुर की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार वह वन विभाग का ठेकेदार है और उसके पास सदर ब्लॉक क्षेत्र में खैर के पेड़ों की कटान का ठेका है। नियमों के तहत कटान से पहले बीट अधिकारी द्वारा पेड़ों की मार्किंग अनिवार्य होती है, लेकिन इसी कार्य के बदले आरोपी अधिकारी ने रिश्वत की मांग की।
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शिकायत में बताया गया कि आरोपी बीट अधिकारी समीर मोहम्मद ने शुरुआत में तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में बातचीत के बाद यह सौदा एक लाख रुपये में तय हुआ। तय रकम की पहली किश्त के रूप में सोमवार को 50 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर गूगल पे के माध्यम से आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए।
डिजिटल भुगतान के पुख्ता सबूत मिलने के बाद सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। जांच के दौरान रिश्वत से जुड़े डिजिटल लेन-देन और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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सतर्कता ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यों में रिश्वत लेने या देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जाएगी। मामले में आगे की जांच प्रगति पर है।
