आईजीएमसी मारपीट मामला आपसी समझौते से समाप्त
मरीजों और डॉक्टरों को मिली राहत
शिमला। शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में सामने आया मारपीट मामला आखिरकार आपसी सहमति और संवाद के साथ सुलझ गया है। लंबे समय से चर्चा में रहे इस विवाद में डॉक्टर और मरीज दोनों ने एक-दूसरे से माफी मांगते हुए हाथ मिलाया और गले लगकर मामले को खत्म करने का संदेश दिया। इस समझौते से न केवल संबंधित पक्षों को बल्कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भी बड़ी राहत मिली है।
आईजीएमसी का ये मारपीट मामला सुलझने के दौरान मरीज अर्जुन पंवर और आरोपी डॉक्टर राघव नरूला ने इसे एक आकस्मिक घटना बताया। दोनों ने कहा कि यह विवाद अचानक परिस्थितियों में हुआ था और अब आपसी बातचीत के बाद समाधान निकाल लिया गया है। दोनों पक्षों ने प्रदेशवासियों से भी माफी मांगते हुए शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
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डॉ. राघव नरूला की मां ने भावुक होते हुए कहा कि अर्जुन पंवर भी उनके लिए बेटे समान है और राघव भी। उन्होंने कहा कि दोनों बच्चों ने एक-दूसरे से माफी मांग ली है और परिवार इस समझौते के साथ खड़ा है। वहीं, मरीज अर्जुन पंवर के पिता ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से उन्हें न्याय मिला। उन्होंने चौपाल क्षेत्र के लोगों के समर्थन के लिए भी धन्यवाद दिया।
सीएम के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि आईजीएमसी का ये मारपीट मामला एक आकस्मिक घटना थी, जिसे आपसी समझदारी से सुलझा लिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि समझौते के बाद केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही सरकार डॉक्टर के टर्मिनेशन आदेश को समाप्त करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
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इस पूरे घटनाक्रम के शांतिपूर्ण समाधान से आईजीएमसी अस्पताल में कामकाज सामान्य होने की उम्मीद है।आईजीएमसी मारपीट मामला खत्म होने से डॉक्टरों और मरीजों के बीच विश्वास बहाल होगा और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़े असर को भी दूर किया जा सकेगा।
