मुख्यमंत्री के आश्वासन पर खत्म हुई आईजीएमसी डॉक्टर हड़ताल
डॉ. राघव नरुला की बर्खास्तगी होगी रद्द
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में मारपीट के मामले के बाद सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. राघव नरुला की बर्खास्तगी के विरोध में चल रही आईजीएमसी डॉक्टर हड़ताल रविवार को समाप्त हो गई। मुख्यमंत्री द्वारा रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) को ठोस आश्वासन दिए जाने के बाद यह फैसला लिया गया।
मुख्यमंत्री ने आरडीए प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच करवाई जाएगी तथा डॉ. राघव नरुला की बर्खास्तगी को रद्द किया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस आश्वासन के बाद आरडीए ने आईजीएमसी डॉक्टर हड़ताल को अनिश्चितकालीन रूप से वापस लेने की घोषणा की।
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आरडीए ने बताया कि वह जांच प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल रहेगा और पूरे मामले पर आगे की रणनीति तय करने के लिए 3 जनवरी 2026 को बैठक आयोजित की जाएगी। संगठन ने कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि आईजीएमसी डॉक्टर हड़ताल के चलते बीते दिनों ओपीडी सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं। मरीजों की नियमित जांच नहीं हो सकी और कई निर्धारित ऑपरेशन भी टालने पड़े। इसका सबसे अधिक असर दूर-दराज क्षेत्रों से उपचार के लिए आए मरीजों और उनके तीमारदारों पर पड़ा, जिन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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हालांकि, वरिष्ठ डॉक्टरों ने ओपीडी में सेवाएं देने का प्रयास किया, लेकिन सीमित स्टाफ के कारण मरीजों को घंटों लंबा इंतजार करना पड़ा। अस्पताल परिसर में अव्यवस्था का माहौल बना रहा।
अब आईजीएमसी डॉक्टर हड़ताल समाप्त होने के बाद अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य होने लगी हैं। मरीजों ने राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में आईजीएमसी में उपचार व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर लौट आएगी।
