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फर्जी EWS सर्टिफिकेट से आयुर्वेदिक डॉक्टर की नौकरी का खुलासा
मंडी। हिमाचल प्रदेश में फर्जी EWS सर्टिफिकेट के सहारे सरकारी नौकरी हासिल करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। आयुर्वेद विभाग में नियुक्त एक डॉक्टर को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी प्राप्त की थी।
जमानत खारिज होने के बाद विजिलेंस ने की गिरफ्तारी
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) मंडी ने मामले में सख्ती दिखाते हुए आरोपी डॉक्टर को हिरासत में लिया। आरोपी ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद विजिलेंस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
फर्जी EWS सर्टिफिकेट जारी करने वाले अधिकारी भी जांच के घेरे में
इस पूरे प्रकरण में फर्जी EWS सर्टिफिकेट जारी करने वाले राजस्व अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। आरोप है कि लोक मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन के बाद बिना समुचित सत्यापन के प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए। जबकि सरकारी नीति के अनुसार आर्थिक स्थिति की गहन जांच के बाद ही EWS सर्टिफिकेट जारी किया जाना चाहिए।
अन्य भर्तियों में भी EWS प्रमाणपत्रों की होगी जांच
विजिलेंस ने संकेत दिए हैं कि यह जांच केवल एक डॉक्टर तक सीमित नहीं रहेगी। आयुर्वेद विभाग सहित अन्य विभागों में भी फर्जी EWS सर्टिफिकेट के आधार पर हुई भर्तियों की पड़ताल की जा रही है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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मंडी जिले के अन्य डॉक्टरों पर भी गिरफ्तारी की तलवार
मंडी जिले से जुड़े चार आयुर्वेदिक डॉक्टरों के EWS प्रमाणपत्र जांच में फर्जी पाए गए हैं। इनमें से एक की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है। विजिलेंस ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही तथ्य पुख्ता होंगे, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत के बाद खुला फर्जीवाड़े का मामला
बताया जा रहा है कि कुछ माह पहले कांगड़ा जिले के बैजनाथ निवासी एक महिला ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ डॉक्टरों ने फर्जी EWS सर्टिफिकेट बनवाकर आयुर्वेदिक डॉक्टर की सरकारी नौकरी हासिल की है। इसके बाद मंडी जिले के टिहरा, छतरी, चुराग और हीरानगर से जुड़े चार उम्मीदवारों की जांच करवाई गई।
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IPC की गंभीर धाराओं में दर्ज हुई FIR
जांच के बाद विजिलेंस मंडी ने चारों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 465, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया है। विजिलेंस का कहना है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं और किसी भी स्तर पर मिलीभगत पाई गई तो सख्त कार्रवाई होगी।
