Home स्वास्थ्य IGMC शिमला मारपीट मामला: सीनियर रेजिडेंट डॉ. राघव निरुला बर्खास्त, सरकार का Power Action

IGMC शिमला मारपीट मामला: सीनियर रेजिडेंट डॉ. राघव निरुला बर्खास्त, सरकार का Power Action

by Dainik Janvarta
0 comment

IGMC शिमला मारपीट मामला: सीनियर रेजिडेंट डॉ. राघव निरुला की सेवा समाप्त

सरकार ने लिया सख्त फैसला

शिमला: आईजीएमसी शिमला मारपीट मामले में राज्य सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. राघव निरुला की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) शिमला में मरीज से मारपीट की घटना को गंभीर कदाचार मानते हुए चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक ने टर्मिनेशन के आदेश जारी किए हैं।

आईजीएमसी शिमला मारपीट मामले को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट तलब की थी। उच्चस्तरीय जांच समिति की तथ्यात्मक रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई अमल में लाई गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि यह मामला रेजिडेंट डॉक्टर नीति 2025 के उल्लंघन का है।

जांच रिपोर्ट में दोनों पक्ष दोषी

जांच समिति की रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि आईजीएमसी शिमला मारपीट मामले में मरीज और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर, दोनों की भूमिका जिम्मेदार रही है। रिपोर्ट में इसे कदाचार, दुर्व्यवहार, अनुचित आचरण और एक लोक सेवक के लिए अशोभनीय कृत्य बताया गया है। जांच के अनुसार यह घटना रेजिडेंट डॉक्टर नीति 2025 की धारा-9 के तहत दंडनीय है।

इन्हीं तथ्यों के आधार पर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक ने डॉ. राघव निरुला को सीनियर रेजिडेंट पद से हटाने के आदेश जारी किए हैं। यह फैसला आईजीएमसी शिमला मारपीट मामले में सरकार के सख्त रुख को दर्शाता है।

22 दिसंबर को हुई थी हाथापाई

निदेशक द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 22 दिसंबर 2025 को आईजीएमसी शिमला की अनुशासनात्मक जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। इसमें बताया गया कि 36 वर्षीय मरीज अर्जुन और पल्मोनरी मेडिसिन विभाग में तैनात सीनियर रेजिडेंट डॉ. राघव निरुला के बीच अस्पताल परिसर में हाथापाई हुई थी।

Also Read : विमल नेगी मौत के मामले में 1 Big Update | आईएएस अधिकारी हरिकेश मीणा को हाईकोर्ट से मिली जमानत

आईजीएमसी शिमला मारपीट मामले के बाद मरीज के परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई, जिसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। घटना से संबंधित वीडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसे जांच में शामिल किया गया।

पहले निलंबन, फिर सेवा समाप्ति

आईजीएमसी शिमला मारपीट मामले में सामने आए तथ्यों के आधार पर 22 दिसंबर 2025 को डॉ. राघव निरुला को रेजिडेंट डॉक्टर नीति 2025 की धारा-9 के तहत सीनियर रेजिडेंसी से निलंबित किया गया था। इसके बाद 23 दिसंबर को राज्य सरकार ने एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया, जिसे 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे।

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार समिति ने 24 दिसंबर को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। रिपोर्ट मिलने के बाद बुधवार शाम को सेवा समाप्ति के आदेश जारी किए गए। आदेश की प्रतिलिपि स्वास्थ्य सचिव, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, आईजीएमसी शिमला के प्रधानाचार्य और चिकित्सा अधीक्षक को भेज दी गई है।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की प्रतिक्रिया

आईजीएमसी शिमला मारपीट मामले पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर का पेशा एक नोबल प्रोफेशन है और ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मरीज अक्सर तनाव की स्थिति में अस्पताल पहुंचते हैं, ऐसे में डॉक्टरों को धैर्य से काम लेना चाहिए।

वायरल वीडियो को लेकर जयराम ठाकुर ने कहा कि तमीज और मर्यादा से बात करना हमारी संस्कृति का हिस्सा है, चाहे वह डॉक्टर हो या आम नागरिक। सरकार को इस मामले का समाधान संवेदनशीलता और संतुलन के साथ करना चाहिए।

You may also like

Leave a Comment

About Us

दैनिक जनवार्ता एक निष्पक्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पित वेब न्यूज़ पोर्टल है। हमारा उद्देश्य सच्ची, निर्भीक और संतुलित पत्रकारिता के माध्यम से भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करना है। हम जाति, धर्म, लिंग, भाषा और संप्रदाय से ऊपर उठकर निष्पक्ष खबरें प्रस्तुत करते हैं। स्वैच्छिक संवाददाताओं की टीम के सहयोग से हम राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए विश्वसनीय सूचना जन-जन तक पहुँचाने का मिशन चला रहे हैं।

Contact for Design your website - 9318329982
Anshul Gupta
Software Engineer

@2023 – All Right Reserved. Designed and Developed DainikJanvarta

Adblock Detected

Please support us by disabling your AdBlocker extension from your browsers for our website.