हिमाचल में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं आज रात से बंद
कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर
शिमला। हिमाचल प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं आज रात 8:00 बजे से बंद रहने वाली हैं। एंबुलेंस कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर हड़ताल का ऐलान किया है, जो 27 दिसंबर की रात 8:00 बजे तक जारी रहेगी। इस दौरान राज्यभर में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है, हालांकि सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था करने का दावा किया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सरकारी अस्पतालों की अपनी एंबुलेंस चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग का कहना है कि 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं बंद रहने की स्थिति में भी इमरजेंसी सेवाएं सुचारू रखने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
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दूसरी ओर, 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं से जुड़े कर्मचारियों का आरोप है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) और संबंधित कंपनी उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। सीटू के बैनर तले हो रही इस हड़ताल में कर्मचारियों ने वेतन, नौकरी की सुरक्षा और कार्य स्थितियों में सुधार की मांग उठाई है।
सीटू नेता विजेंद्र मेहरा ने कहा कि प्रशासन कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बजाय उन पर एस्मा एक्ट 1972 लगाने की धमकी दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एंबुलेंस सेवा का टेंडर सरकार और प्रशासन ने कंपनी को दिया है, लेकिन जब कर्मचारी कंपनी के शोषण की शिकायत लेकर प्रशासन के पास जाते हैं तो यह कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है कि वे सरकारी कर्मचारी नहीं हैं।
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कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखीं, ज्ञापन सौंपे और प्रशासन को स्थिति से अवगत कराया, लेकिन हर बार उनकी अनदेखी की गई। ऐसे में मजबूर होकर उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। अब देखना यह होगा कि 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं की इस हड़ताल पर सरकार क्या रुख अपनाती है और मरीजों को राहत देने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं।
