हिमाचल: आईजीएमसी शिमला में डॉक्टरों पर मरीज से मारपीट का आरोप
स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश
शिमला: हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित अस्पताल आईजीएमसी शिमला से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां इलाज के लिए आए एक मरीज के साथ कथित रूप से डॉक्टर द्वारा मारपीट की गई। आरोप है कि सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने मरीज के मुंह पर घूंसे मारे, जिससे उसकी नाक से खून बहने लगा। मामला सामने आने के बाद आईजीएमसी शिमला प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार यह घटना दोपहर करीब 12 बजे की है। शिमला जिले के कुपवी क्षेत्र के मशोत गांव निवासी अर्जुन का आईजीएमसी शिमला में ब्रोंकोस्कॉपी टेस्ट किया गया था। टेस्ट के बाद डॉक्टरों ने उसे बेड पर आराम करने की सलाह दी। मरीज अर्जुन का कहना है कि उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, इसी दौरान सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. राघव नरोला वहां पहुंचे और पूछताछ करने लगे।
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मरीज का आरोप है कि जब उसने डॉक्टर द्वारा “तू-तड़ाक” में बात करने पर आपत्ति जताई, तो डॉक्टर ने आपा खो दिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि डॉक्टर ने मरीज के चेहरे पर कई घूंसे मारे। इस घटना का वीडियो मरीज के तीमारदारों ने बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में आईजीएमसी शिमला का एक अन्य डॉक्टर मरीज की टांगें पकड़ता हुआ भी दिखाई दे रहा है।
👉 आईजीएमसी शिमला की शर्मनाक घटना – Video
घटना के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने आईजीएमसी शिमला परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने आरोपी डॉक्टर की बर्खास्तगी और सार्वजनिक रूप से माफी की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। मरीज के भाई रमेश कुमार सहित अन्य परिजन अस्पताल परिसर में इकट्ठा हो गए, जिससे कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
मामले को बिगड़ता देख आईजीएमसी शिमला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल रॉव ने परिजनों को प्राचार्य के कार्यालय में ले जाकर बातचीत की। बंद कमरे में प्रशासन और परिजनों के बीच पूरे मामले को लेकर बैठक हुई।
इस संबंध में आईजीएमसी शिमला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल रॉव ने बताया कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के बाद प्रारंभिक जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी चेस्ट एंड टीबी विभागाध्यक्ष डॉ. मलय सरकार की अध्यक्षता में बनाई गई है, जिसमें डिप्टी एमएस डॉ. प्रवीण भाटिया और नर्सिंग अधीक्षक सदस्य हैं।
डॉ. राहुल रॉव ने कहा कि कमेटी की रिपोर्ट देर शाम तक आने की संभावना है। रिपोर्ट के आधार पर आईजीएमसी शिमला प्रशासन आरोपी डॉक्टर के खिलाफ आगामी कार्रवाई तय करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। वहीं, पुलिस ने भी शिकायत मिलने पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
आईजीएमसी शिमला में डॉक्टर द्वारा मरीज से मारपीट के मामले को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनी राम शांडिल ने गंभीरता से लिया है। आरोपी चिकित्सक की सेवाएं तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई हैं और एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच जारी है। विभागीय अनुशासन समिति की रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए
