प्रदेश की साक्षरता दर 99.30 प्रतिशत तक पहुंची: रोहित ठाकुर
शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और प्रदेश की साक्षरता दर 99.30 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों और शिक्षा में किए गए गुणात्मक सुधारों का परिणाम है, जिनकी राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है।
उन्होंने बताया कि संसाधनों के बेहतर और प्रभावी उपयोग के लिए क्लस्टर स्कूल प्रणाली लागू की गई है। इसके अंतर्गत 300 से 500 मीटर के दायरे में स्थित विद्यालयों को एक क्लस्टर के रूप में विकसित किया गया है। इस व्यवस्था से पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, खेल सामग्री और शिक्षकों की विशेषज्ञता का साझा उपयोग संभव हो पाया है, जिससे शिक्षण गुणवत्ता में सुधार आया है और प्रदेश की साक्षरता दर को मजबूती मिली है।
Also Read : अगले सत्र 2026 से स्कूलों में मोबाइल पर Ban, शिक्षा विभाग में होगी Big Recruitment: सीएम सुक्खू
रोहित ठाकुर ने कहा कि परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में भी हिमाचल का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है। मेधावी विद्यार्थियों के लिए जेईई और नीट की मुफ्त कोचिंग राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल रहा है। यह प्रयास भी प्रदेश की साक्षरता दर को सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा राजेश शर्मा ने बताया कि विभिन्न राष्ट्रीय सर्वेक्षणों में हिमाचल प्रदेश का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। शिक्षकों को आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही यूनेस्को के सहयोग से हिमाचल प्रदेश फ्यूचर्स प्रोग्राम के तहत शिक्षा प्रणाली को भविष्य उन्मुख बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं, जो आने वाले समय में प्रदेश की साक्षरता दर को और ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
Also read : उच्च शिक्षा से संबंधित जानकारी और अन्य संसाधनों का पूर्ण विवरण!
कार्यक्रम में विधायक सुरेश कुमार, सुदर्शन बबलू, निदेशक शिक्षा आशीष कोहली, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
