Himachal News: वेतन न मिलने पर एचआरटीसी कर्मचारी नाराज़
24 तक अल्टीमेटम
शिमला : हिमाचल प्रदेश में परिवहन निगम के हजारों कर्मचारियों को नवंबर का वेतन अभी तक जारी न होने से नाराज़गी बढ़ती दिखाई दे रही है। मंगलवार दोपहर पुराने बस अड्डे में चालक-परिचालकों ने गेट मीटिंग कर सरकार के रवैये के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि महीने की शुरुआत बीत जाने के बावजूद वेतन न मिलना परिवार चलाने में मुश्किल पैदा कर रहा है।
चालक संघ के प्रदेशाध्यक्ष मान सिंह ने कहा कि हर महीने कर्मचारियों को अपनी तनख्वाह और पेंशन की मांग को लेकर सड़क पर उतरना पड़ता है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि परिवहन क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी दिन-रात सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा।
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मान सिंह ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 24 तारीख तक लंबित वेतन और अन्य समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो चालक और परिचालक एक औपचारिक नोटिस के बाद बसें चलाना बंद कर देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार दूरदराज के मार्गों पर सेवा देने का आदेश देती है, रात में बसों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी चालक उठाते हैं, मगर इसके बावजूद वेतन की देरी लगातार जारी है।
उन्होंने दावा किया कि एचआरटीसी के प्रत्येक कर्मचारी को सात से आठ लाख रुपये सरकार द्वारा दिए जाने हैं, जिनमें वर्ष 2016 से लंबित एरियर और 100 करोड़ रुपये से अधिक ओवरटाइम भी शामिल है। उनका कहना है कि यदि सरकार से एचआरटीसी का संचालन नहीं हो पा रहा है, तो इसे बंद करने पर विचार किया जाए, लेकिन कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
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कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं बदले, तो प्रदेश में परिवहन सेवाएं प्रभावित होंगी और इसका असर आम जनता पर सीधे तौर पर पड़ेगा। कर्मचारियों का कहना है कि एचआरटीसी सरकार द्वारा संचालित संस्था है, इसलिए वेतन भुगतान की जिम्मेदारी भी सरकार को निभानी ही होगी।
