मेडिकल कॉलेज चंबा में रैगिंग मामलाः एक साल से चली आ रही थी ज्यादती
कमेटियों को नहीं लगी भनक
चंबा : मेडिकल कॉलेज चंबा में सामने आए रैगिंग मामले ने बड़े स्तर पर व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालिया कार्रवाई में द्वितीय वर्ष के एक प्रशिक्षु एमबीबीएस छात्र को 15 दिन के लिए निलंबित कर दिया गया है। वहीं जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि जूनियर छात्रों के साथ पिछले एक साल से सीनियर छात्रों द्वारा दबाव और इंट्रो के नाम पर अवैध गतिविधियां होती रहीं, लेकिन एंटी रैगिंग कमेटी और फ्लाइंग स्क्वायड को इसकी रैगिंग की भनक तक नहीं लगी।
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सूत्रों के अनुसार, जब हाल ही में शिकायत सामने आई तो एंटी रैगिंग कमेटी ने जूनियर बैच से पूछताछ की। इस दौरान कई छात्रों ने बताया कि उन्हें कई बार कमरों में बुलाकर परिचय के बहाने परेशान किया जाता था। ऐसे में यह साफ दिखा कि प्रबंधन और कमेटियों की सक्रियता सवालों के घेरे में है। फ्लाइंग स्क्वायड का गठन विशेष रूप से इसलिए किया गया था कि समय-समय पर होस्टलों का निरीक्षण हो सके, लेकिन या तो निरीक्षण किया ही नहीं गया या छात्रों से गंभीर पूछताछ नहीं की गई।
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एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र की शिकायत पर कमेटी ने जांच शुरू की थी। इसमें आरोपी प्रशिक्षु को निलंबित किया गया, जबकि तीन अन्य से लिखित में माफीनामा लेकर चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।
कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने कहा कि संस्थान रैगिंग पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। प्रबंधन पूरी तरह सख्त है और भविष्य में ऐसी घटना सामने आई तो और कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की रैगिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायत मिलते ही तत्परता से कदम उठाए जाएंगे।
