नालागढ़ मेडिकल डिवाइस पार्क में बड़ी कंपनी का निवेश
100 एकड़ जमीन की मांग
नालागढ़ (सोलन)। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले स्थित नालागढ़ मेडिकल डिवाइस पार्क को लेकर औद्योगिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। यहां स्प्रे इंजीनियर कंपनी ने सरकार से 100 एकड़ भूमि उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव दिया है। कंपनी इथेनॉल और ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का बड़ा प्रोजेक्ट शुरू करना चाहती है।
बद्दी में पहले से मशीनरी निर्माण कर रही मैसर्स स्प्रे इंजीनियरिंग डिवाइसेज लिमिटेड लगभग 1400 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट के शुरू होने पर करीब 5,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। नालागढ़ मेडिकल डिवाइस पार्क में यह अब तक का सबसे बड़ा औद्योगिक निवेश माना जा रहा है।
ये भी पढ़ें -: नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की कार्यप्रणाली, योजनाओं और अन्य गतिविधियां!!
उद्योग विभाग के पास पार्क निर्माण के लिए पर्याप्त धन न होने के चलते विभाग ने सरकार को चार विकल्प सुझाए—लोन लेकर निर्माण, जमीन बेचकर, सरकारी फंड उपलब्ध कराकर या फिर पीपीपी मोड पर प्रोजेक्ट तैयार करने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार भी चाहती है कि नालागढ़ मेडिकल डिवाइस पार्क प्रोजेक्ट राज्य के नियंत्रण में ही रहे।
सूत्रों के अनुसार, स्प्रे इंजीनियर को आवश्यक भूमि उपलब्ध करवाई गई तो इसी के माध्यम से पार्क का निर्माण भी संभव होगा। फिलहाल विभाग के पास लगभग 300 एकड़ भूमि मौजूद है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में उद्योग विभाग और कंपनी के बीच एमओयू साइन हो चुका है।
ये भी पढ़ें -: पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंबा में धूमधाम से मनाया गया वार्षिक समारोह | No. 1 Big Celebration
उद्योग विभाग की जानकारी के मुताबिक लगभग 150 बीघा जमीन पर तीन अलग-अलग प्लांट विकसित करने की योजना है। इसमें एपीआई यूनिट, इथेनॉल प्लांट और ग्रीन हाइड्रोजन यूनिट शामिल होंगे। साथ ही फार्मा सेक्टर से जुड़ी मशीनरी भी यहीं तैयार की जाएगी।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि कंपनी प्रदेश में इथेनॉल और ग्रीन हाइड्रोजन उद्योग स्थापित करना चाहती है और उसने नालागढ़ मेडिकल डिवाइस पार्क में उत्पादन इकाइयां लगाने का प्रस्ताव दिया है। वर्तमान में कंपनी को कहां भूमि दी जा सकती है, इस पर विभाग गंभीरता से विचार कर रहा है।
इस निवेश के बाद नालागढ़ मेडिकल डिवाइस पार्क हिमाचल का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बन सकता है।
