Home राज्य आउटसोर्स कर्मचारी: 45 हजार कर्मचारियों को करवाचौथ पर नहीं मिला वेतन, Big Economic Crisis – सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग

आउटसोर्स कर्मचारी: 45 हजार कर्मचारियों को करवाचौथ पर नहीं मिला वेतन, Big Economic Crisis – सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग

by Dainik Janvarta
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आउटसोर्स कर्मचारी: करवाचौथ पर नहीं मिला वेतन, बढ़ी आर्थिक परेशानी – सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग

शिमला। हिमाचल प्रदेश में करीब 45 हजार आउटसोर्स कर्मचारी इस समय गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। करवाचौथ जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर भी इन कर्मचारियों को सितंबर माह का वेतन नहीं मिल पाया है। अक्टूबर की 10 तारीख बीत जाने के बावजूद अब तक उनका वेतन जारी नहीं हुआ, जिससे उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि राज्य के विभिन्न विभागों में पिछले दो दशकों से ये कर्मचारी आउटसोर्स व्यवस्था के तहत सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से कई कर्मचारी मात्र 10,000 रुपये मासिक वेतन पर काम कर रहे हैं। बावजूद इसके, कंपनी की ओर से समय पर वेतन जारी नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारी बेहद परेशान हैं।

शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय पहले ही इन कर्मचारियों के नियमितीकरण (Regularization) को लेकर स्पष्ट आदेश जारी कर चुका है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि सरकार और ठेकेदार कंपनियों के बीच समन्वय की कमी के चलते कर्मचारियों को हर माह वेतन के लिए संघर्ष करना पड़ता है।

त्योहारों के इस मौसम में जब प्रदेशभर में करवाचौथ और दीवाली की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं ये कर्मचारी अपने परिवार के भरण-पोषण को लेकर चिंतित हैं। लगातार बढ़ती महंगाई (Inflation) और समय पर वेतन न मिलने से कर्मचारियों में गहरा असंतोष (Deep Frustration) व्याप्त है।

कर्मचारियों का कहना है कि अगर शीघ्र ही सरकार ने वेतन जारी (Salary Release) और नियमितीकरण पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन (Statewide Protest) शुरू करने को मजबूर होंगे। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो कर्मचारी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि आउटसोर्स प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी के कारण ऐसे हालात बार-बार बनते हैं। सरकार यदि समय पर नीति-स्तर पर समाधान निकालती है, तो न केवल कर्मचारियों को राहत मिलेगी बल्कि सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली में भी स्थिरता आएगी।

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त्योहारों के इस पावन अवसर पर कर्मचारियों की यह आर्थिक स्थिति सरकार के लिए चिंता का विषय (Matter of Concern) बन गई है। आउटसोर्स कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार जल्द कोई पॉज़िटिव एक्शन (Positive Action) लेगी, ताकि वे भी अपने परिवार के साथ खुशी से त्योहार मना सकें।

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