Home क्राइम सिरमौर मनी लॉन्ड्रिंग केस: नाहन में एक व्यक्ति के साथ 59 लाख रुपये की साइबर ठगी, पुलिस जांच शुरू

सिरमौर मनी लॉन्ड्रिंग केस: नाहन में एक व्यक्ति के साथ 59 लाख रुपये की साइबर ठगी, पुलिस जांच शुरू

by Dainik Janvarta
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सिरमौर मनी लॉन्ड्रिंग केस : 59 लाख की साइबर ठगी का बड़ा खुलासा

नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। सिरमौर मनी लॉन्ड्रिंग केस के नाम पर जिले के नाहन निवासी एक व्यक्ति से करीब 59.20 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित व्यक्ति ने इस संबंध में पुलिस थाना सदर नाहन में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

सिरमौर मनी लॉन्ड्रिंग केस : कैसे हुआ धोखाधड़ी का खेल?

शिकायतकर्ता ज्ञान चंद टांक निवासी पक्का टैंक नाहन ने पुलिस को दी जानकारी में बताया कि उसके मोबाइल नंबर पर 90892-20284 से व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई। कॉल पर मौजूद व्यक्ति ने खुद को साइबर क्राइम मुंबई का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ सिरमौर मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज हुआ है। आरोपी ने डराने की नीयत से बताया कि यह केस मुंबई अंधेरी ईस्ट थाने में दर्ज है और अगर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

सिरमौर मनी लॉन्ड्रिंग केस : आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट का नाम लेकर बनाई चाल

ठग ने विश्वास जमाने के लिए खुद को आरबीआई और सर्वोच्च न्यायालय की जांच टीम से जुड़ा बताया। उसने शिकायतकर्ता को कहा कि उनके सारे पैसे आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में जांच के लिए भेजने होंगे। साथ ही भरोसा दिलाया गया कि जमा की गई राशि को 24 घंटे के भीतर वापस कर दिया जाएगा। इस झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने 59,20,047 रुपये की भारी भरकम रकम अलग-अलग बैंक खातों में जमा कर दी।

सिरमौर मनी लॉन्ड्रिंग केस : पैसे भेजने के बाद हुआ अहसास

जब तय समय बीत जाने के बाद भी राशि वापस नहीं हुई, तो शिकायतकर्ता को ठगी का अहसास हुआ। उसने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किस नेटवर्क से जुड़ा है और पैसे किन खातों में भेजे गए।

सिरमौर मनी लॉन्ड्रिंग केस : पुलिस ने लोगों को दी चेतावनी

पुलिस का कहना है कि इस तरह की साइबर ठगी में लोग अक्सर सरकारी एजेंसियों का नाम सुनकर डर जाते हैं और बिना सोचे-समझे लाखों रुपये ट्रांसफर कर देते हैं। सिरमौर मनी लॉन्ड्रिंग केस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी लोगों को भ्रमित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट, आरबीआई और पुलिस विभाग जैसे संस्थानों का सहारा लेते हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क करें और किसी भी हालत में अनजान खातों में पैसे ट्रांसफर न करें।

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👉 यह मामला न केवल सिरमौर बल्कि पूरे प्रदेश के लोगों के लिए चेतावनी है कि साइबर अपराधियों के जाल में न फंसे और सतर्क रहें।

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