पालमपुर में नशे के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन युवक चिट्टे समेत गिरफ्तार
पालमपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में नशे के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में पालमपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषि विश्वविद्यालय के पास से तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से 2.83 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और इस बात का पता लगाया जा रहा है कि ये युवक नशे की सप्लाई कहां और किसे कर रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस की टीम जब कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के गेट नंबर पांच के पास गश्त कर रही थी, तभी वहां खड़ी एक कार में तीन युवक संदिग्ध रूप से बैठे हुए दिखे। पुलिस को देखते ही वे घबरा गए, जिससे शक और गहरा हो गया। इसके बाद पुलिस ने जब उनकी तलाशी ली, तो उनके पास से 2.83 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
इस घटना के बाद कई सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ये युवक कृषि विश्वविद्यालय के छात्रों को नशे की आपूर्ति कर रहे थे? हालांकि, शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि पकड़े गए युवकों का विवि से कोई सीधा संबंध नहीं है। लेकिन पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह गिरोह छात्रों को नशे की लत में तो नहीं धकेल रहा था।
पुलिस थाना पालमपुर के प्रभारी भूपेंद्र ठाकुर ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने के लिए आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
हाल के वर्षों में पालमपुर सहित पूरे कांगड़ा जिले में नशे का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। खासतौर पर युवा पीढ़ी इस जाल में फंस रही है। चिट्टा (हेरोइन) जैसी घातक नशीली चीजें बाजार में आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे समाज में अपराध भी बढ़ रहे हैं।
इस घटना के बाद स्थानीय लोग और अभिभावक काफी चिंतित हैं। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि नशा तस्करों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि युवाओं को इस लत से बचाया जा सके।
नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) के तहत नशीले पदार्थों की खरीद, बिक्री और सेवन गंभीर अपराध माना जाता है। इस कानून के तहत दोषियों को लंबी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
फिलहाल, पुलिस इस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे चिट्टा कहां से लाते थे और इसे कहां बेचते थे। इसके साथ ही पुलिस इस पूरे नेटवर्क को पकड़ने के लिए आगे की जांच में जुटी हुई है।
पालमपुर में नशे के खिलाफ की गई इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि पुलिस तस्करों पर नजर रखे हुए है। हालांकि, यह चिंता का विषय है कि अब शैक्षणिक संस्थानों के आसपास भी नशे का कारोबार बढ़ने लगा है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले की जांच में और किन-किन लोगों तक पहुंच पाती है और क्या इस गिरोह का पूरा पर्दाफाश किया जाता है या नहीं।
