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कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब स्थित मारकण्डा नदी का पानी दूषित होने पर स्थानीय लोगों सहित हरियाणा क्षेत्र के लोगों ने भारी चिंता जताई है। जानकारी के मुताबिक मारकण्डा नदी में होटलों, ढाबों और रिहायशी इलाकों का गंदा पानी सीधे मारकण्डा नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे मार्कंडा नदी का पानी दूषित हो रहा है, जिसके चलते लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंच रही है। लोगों की धार्मिक आस्था मारकण्डा नदी के साथ जुड़ी हुई है। कालाअंब में ऋषि मार्कण्डेय का मंदिर नदी के किनारे बनाया गया है, जहां हर रविवार को मेला लगता है। इसमें स्थानीय लोगों के अलावा हरियाणा और पंजाब के श्रद्धालु माथा टेकने आते हैं। श्रद्धालु नदी के किनारे मीठे चावल बनाते हैं जो कि नदी के पानी से तैयार किए जाते हैं। लेकिन होटलों, ढाबों और रिहायशी इलाकों का गंदा पानी नदी के पानी में मिश्रित होने के कारण उन्हें गंदे पानी में बैठकर पूजा अर्चना करनी पड़ रही है। दूसरे, छठ पूजा भी मारकण्डा नदी के किनारे की जाती है। स्थानीय लोगों में विजय कुमार, पूर्व बीडीसी चेयरमैन यशपाल शर्मा, अजय वर्मा और सोनू राणा ने बताया कि इस बारे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। होटलों, ढाबों, रिहायशी घरों का गंदा पानी मारकंडा नदी में छोड़ा जा रहा है। परिणामस्वरूप लोगों को नदी के दूषित पानी में पूजा अर्चना करनी पड़ रही है। इससे लोगों की धार्मिक आस्था आहत हो रही है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शिमला के सदस्य सचिव अनिल जोशी ने बताया कि कालाअंब में विभाग के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए जाएंगे। जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा।
समस्या : औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में मारकण्डा नदी का पानी हो रहा दूषित, लोगों की आस्था को लग रही ठेस
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