कालाअंब (सिरमौर)। विकास खंड नाहन के गांव मोगीनन्द में पेयजल संकट बरकरार है, जिसका अभी तक कोई समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों में विभाग सहित जिला प्रशासन व नाहन के विधायक के प्रति भारी रोष है। जानकारी के मुताबिक मोगीनन्द गांव में पिछले डेढ़ सप्ताह से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। नतीजन ग्रामीणों को दूर दराज के जल स्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है या फिर 400 रुपए प्रति टैंकर पानी खरीदना पड़ रहा है। मोगीनंद क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति करने वाले पंप हाउस की मोटर खराब हुए 10 दिन से ज्यादा समय हो गया है। हैरत की बात है कि पौने तीन करोड़ रूपए की लागत से निर्मित मोगीनंद पेयजल योजना के रामपुर जट्टान में स्थित पंप हाउस की मोटर जब से योजना चालू हुई है तब से लगातार खराब होती आ रही है। बावजूद इसके अन्य मोटर का विकल्प या कोई प्रबंध पंप हाउस में नहीं किया गया है। मात्र एक मोटर के सहारे उक्त पेयजल योजना चलाई जा रही है। पौने तीन करोड़ रुपए के बजट से निर्मित योजना के पंप हाउस में मात्र एक विद्युत मोटर होना हैरत की बात है। इतना ही नहीं हर बार उक्त पंप हाउस की मोटर खराब होने से लेकर पेयजल आपूर्ति होने तक लगभग 15 दिन का समय लग जाता है। ये विभाग की लचर व्यवस्था का एक उदाहरण है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग की लचर व्यवस्था के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। मोगीनंद में पिछले दस दिनों से पेयजल संकट छाया हुआ है। जिसका कोई समाधान नहीं हो पाया है। ऐसे में ग्रामीणों की समस्या की ओर न तो विभाग और न ही जिला प्रशासन और नाहन के विधायक का ध्यान जा रहा है। लोगों को मजबूरन पानी खरीदना पड़ रहा है। जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता सुखविंदर सोनी ने बताया कि मोटर ठीक हो गई है जल्द ही मोगीनंद की पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
Sirmaur : गांव मोगीनंद में पेयजल संकट बरकरार, 10 दिन से झेल रहे ग्रामीण परेशानी, नहीं हो पाया कोई समाधान
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