दैनिक जनवार्ता
नाहन (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के दो दवा उद्योगों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बड़ी कार्रवाई की है। उक्त दोनों उद्योग एक ही मालिक के हैं। बताया जा रहा है कि एक उद्योग का बिजली कनेक्शन काट दिया गया है, जबकि दूसरे उद्योग पर 42 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
जानकारी के मुताबिक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कालाअंब के साई टैक दवा उद्योग के ट्रीटमेंट प्लांट से कुछ सैंपल लिए थे। जांच में इसके तीन सैंपल फेल हो गए। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उद्योग संचालक को नोटिस भी जारी किया था, लेकिन उन्होंने नोटिस का जवाब नहीं दिया। लिहाजा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बिजली बोर्ड को कनेक्शन काटने की संस्तुति दे दी। बिजली बोर्ड कालाअंब ने साई टैक दवा उद्योग का कनेक्शन काट दिया है।
दूसरी ओर सकेती रोड़ पर स्थित सिंबायोसिस फार्मा के ट्रीटमेंट प्लांट से उठाए गए सैंपल भी फेल हुए हैं। साथ ही एक्सपायरी दवाइयां भी साथ लगती मारकंडा नदी में फेंकी हुई मिलीं थी। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नोटिस भेजा और नोटिस का जवाब न मिलने पर उक्त कंपनी पर कार्रवाई करते हुए 42 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
उक्त दोनों उद्योगों के संचालक जगबीर सिंह ने बताया कि सरकार ने कालाअंब में काॅमन ट्रीटमेंट प्लांट लगाया है, जिसमें सभी फैक्ट्रियों से डिस्चार्ज उठाया जाता है। इसके बावजूद इस तरह की कार्रवाई समझ से परे है। नोटिस के जवाब उन्होंने दिए हैं। नदी में कभी एक्सपायरी दवाइयां नहीं फैंकी गई और सरकारी आदेशों का पालन भी किया जा रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिशासी अभियंता अतुल परमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि लंबे समय से फैक्टरी की शिकायतें मिल रही थी। इसके आधार पर सैंपल भरे गए थे। सैंपल फेल होने पर नोटिस जारी किए गए, जिसका जवाब नहीं मिला। इसकी जानकारी विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजी गई थी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बोर्ड ने ये कार्रवाई अमल में लाई है।
