दैनिक जनवार्ता
नाहन (सिरमौर)। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ हिमाचल प्रदेश को जिला सिरमौर इकाई का जिला स्तरीय बौद्धिक प्रशिक्षण वर्ग जिला मुख्यालय नाहन में आयोजित किया गया। इसमें अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अखिल भारतीय सचिव पवन मिश्रा, प्रदेश के प्रांत संगठन मंत्री विनोद सूद, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयशंकर ठाकुर, शिमला – सोलन विभाग के विभाग अध्यक्ष बलबीर नेगी और विजेंद्र सिंह का विशेष मार्गदर्शन रहा।
बौद्धिक प्रशिक्षण वर्ग में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के मूल ध्येय, सिद्धांतों, राष्ट्र हित और शिक्षा हित में समसामयिक विषयों पर संगठन के दृष्टिकोण बारे अलग-अलग विषय प्रवर्तकों ने विस्तार से चर्चा की।
बौद्धिक प्रशिक्षण वर्ग के बाद जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया जिसमें शिक्षा एवं शिक्षक हित में विभिन्न विषयों पर मंथन किया गया और एक आग्रह पत्र हिमाचल प्रदेश के शिक्षा सचिव को भेजने का निर्णय लिया गया। आग्रह पत्र में सबसे पहले हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से कर्मचारी हित में पुरानी पेंशन योजना बहाली के लिए सरकार का आभार प्रकट किया गया।साथ ही नयी पेंशन योजना से पुरानी पेंशन योजना में आने वाले कर्मचारियों से पहले सरकार की दिए गए अंशदान को लौटाने की शर्त को हटाने का निवेदन किया गया, क्योंकि नयी पेंशन योजना को भी सरकार ने ही लागू किया था। कर्मचारियों और सरकार की ओर से दिए गए अंशदान को संयुक्त रूप से केंद्र सरकार के अभिकरण में जमा करवाने का निर्णय भी सरकार का था। इसलिए सरकार स्वयं केंद्र सरकार से यह राशि वापिस लेने का प्रावधान करे और कर्मचारीयों को उसकी देय पेंशन अदा करे।
दूसरे, प्रधानाचार्य संवर्ग की ओर से पदोन्नति या अस्थाई प्रतिनियुक्ति की स्थिति में वरिष्ठता को ही अधिमान देने का आग्रह किया गया। मुख्याध्यापक और टीजीटी संवर्ग की ओर से माध्यमिक विद्यालयों में मुख्याध्यापकों के पद सृजित करने की मांग की गई, ताकि सरकार के प्रस्तावित संकुलाधीन विद्यालयों में स्टाफ और संसाधन सांझा कर गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने की योजना को पूरी तरह धरातल पर उतारा जा सके। साथ ही टीजीटी से प्रवक्ता स्कूल न्यू की बहुप्रतीक्षित पदोन्नति सूची को शीघ्र जारी किया जाए। मुख्याध्यापक से प्रधानाचार्य पदोन्नति की परिवीक्षा बच्चों के हित को देखते हुए खत्म किये जाने का पुरजोर निवेदन किया गया, ताकि अगले शैक्षणिक सत्र में विद्यालयों को शुरू से ही पूरा स्टाफ मिल सके। टीजीटी कैडर को उच्च शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत लाने और माध्यमिक विद्यालयों को भी प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय की अपेक्षा उच्च शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत लाने की मांग की गई है। क्योंकि प्रारम्भिक शिक्षा प्रणाली के प्रदेश में पूरी तरह लागू न हो पाने के कारण माध्यमिक विद्यालयों को खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी के अंतर्गत रखना अप्रासंगिक है।
सी एंड वी संवर्ग की ओर से हिन्दी और संस्कृत अध्यापकों को टीजीटी पदनाम के साथ साथ वेतनमान भी जारी करने की माँग की गई। साथ ही एनसीटीई के नियमों में संशोधन कर शास्त्री शिक्षक के लिए संस्कृत महाविद्यालय से ही शास्त्री या आचार्य की डिग्रियां हासिल करने वाले अभ्यार्थियों को पात्र माना जाए ताकि संस्कृत महाविद्यालयों की प्रासंगिकता बनी रहे।
प्राथमिक संवर्ग ने मुख्य शिक्षक को पदोन्नति पर नियमित वेतन वृद्धि और प्रत्येक कक्षा के लिए एक शिक्षक नियुक्त करने का निवेदन किया। साथ ही अति शीघ्रता से पूर्व प्राथमिक शिक्षकों की स्थायी भर्ती करने की भी मांग की। इसके अलावा कर्मचारियों का लंबित एरियर और डीए भी एकमुश्त शीघ्र भुगतान करने, 4-9-14 की विसंगतियों से सम्बन्धित लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण, एसएमसी शिक्षकों, कम्प्यूटर, व्यवसायिक शिक्षकों और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाकर उन्हें नियमित करने का आग्रह किया गया।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ हिमाचल प्रदेश की जिला सिरमौर ईकाई ने मीडिया में वर्णित तथाकथित गेस्ट टीचर पॉलिसी को भी वापिस लेने का आग्रह किया गया है क्योंकि यह शिक्षा, छात्र और शिक्षक हित में नहीं है। इससे भविष्य में एसएमसी जैसा एक और अनिश्चित और शोषित वर्ग खड़ा हो जाएगा। इनके अलावा शैक्षिक और गैर शैक्षणिक वर्गों से सम्बन्धित विस्तृत ज्ञापन शिक्षा सचिव को प्रेषित करने का निर्णय लिया गया।
इस दौरान जिला बैठक में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ हिमाचल प्रदेश जिला सिरमौर के अध्यक्ष विजय कंवर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ऋषिपाल शर्मा, जिला मंत्री मामराज चौधरी, संगठन मंत्री राधेश्याम, सह संगठन मंत्री कपिल मोहन, कार्यालय और प्रवक्ता संवर्ग सचिव ओंकार शर्मा, जिला सचिव टीजीटी संवर्ग कर्म सिंह, सी एंड वी संवर्ग सतीश कंवर, प्राथमिक संवर्ग श्यामलाल सहित सभी खण्डों और मण्डलों के अध्यक्ष, मंत्री और संगठन मंत्री उपस्थित रहे।
Sirmaur News : जिला मुख्यालय नाहन में हुई अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ सिरमौर इकाई की बैठक।
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