दैनिक जनवार्ता
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र में जनजातीय अधिनियम को लागू न करने पर हाटी समिति के तत्वावधान में हजारों लोगों ने शिलाई में रैली निकालकर प्रदेश सरकार के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया।
इस दौरान हाटी समुदाय के लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पहले बाजार में विशाल रैली भी निकाली गई। वक्ताओं के संबोधन के बाद एसडीएम शिलाई के माध्यम से प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन भेजा गया।

शिलाई में रोष रैली के दौरान हाटी समिति के पदाधिकारी।
इस मौके पर भाजपा नेता बलदेव तोमर ने प्रदेश सरकार और उद्योग मंत्री पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय की दशकों पुरानी मांग को केंद्र सरकार ने पूरा किया, लेकिन अब प्रदेश सरकार बेवजह इस मामले को लटका रही है। खुले मंच पर जिस तरीके से उद्योग मंत्री धमका रहे हैं, उसे शिलाई की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। जब केंद्र सरकार ने हाटी कानून को लागू कर दिया है तो प्रदेश सरकार उसे लागू नहीं होने दे रही है।
उन्होंने कहा कि हाटी समिति ने सभी नेताओं को रैली में भाग लेने का निमंत्रण दिया था, लेकिन क्षेत्र के विधायक एवं मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने एक दिन पहले ही अलग कार्यक्रम कर लिया। तोमर ने हाल ही में गिरिपार हाटी विकास कल्याण मंच के गठन के मामले में आरोप लगाया कि इस मंच को कल्याण मंच का नाम दिया गया है, लेकिन यह मात्र उन लोगों का मंच है जो केवल मंत्री जी के माध्यम से अपना कल्याण चाहते हैं।
इस मौके पर केंद्रीय हाटी समिति के महासचिव कुंदन सिंह शास्त्री ने भी लोगों को संबोधित किया और प्रदेश सरकार से एसटी दर्जे को लागू करने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि हाटी समुदाय को जनजातीय का संवैधानिक अधिकार देने की गजट अधिसूचना 4 अगस्त 2023 को जारी की जा चुकी है, लेकिन आज तक लोगों को एसटी प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया आरंभ नहीं हो पाई है। इस कारण हाटी समुदाय के युवाओं को जनजाति के आधार वाले लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय हाटी समिति के अध्यक्ष अमीचंद कमल, सुरेंद्र हिंदूस्तानी, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष दिलीप सिंह चौहान, शिलाई के पूर्व प्रधान रमेश नेगी, हीरा सिंह, लाल सिंह, अत्तर सिंह तोमर, तपेंद्र सिंह, सीमा देवी, डॉ. रमेश सिंगटा, बलबीर ठाकुर आदि मौजूद रहे।
