मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के श्री रेणुकाजी मेले के उद्घाटन समारोह में न आने पर मेले की गरिमा गिराने का आरोप।
दैनिक जनवार्ता
नाहन (सिरमौर)। कॉंग्रेस सरकार ने अंतरराष्ट्रीय रेणुकाजी मेले का स्तर गिरा कर ग्रामीण मेलों की श्रेणी में ला दिया है। ये आरोप बीजेपी के प्रवक्ता मेला राम ने रविवार को मीडिया को दिए अपने एक ब्यान में लगाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अंतरराष्ट्रीय रेणुकाजी मेले की गरिमा गिरा रही है। सरकार ने रेणुका मेले का स्तर घटा कर इस मेले को भी ग्रामीण मेला बना दिया है। अन्तरराष्ट्रीय मेले का उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री की ओर से किए जाने की परंपरा है, लेकिन इस बार मेले के उद्धाटन के लिए विधानसभा अध्यक्ष आ रहे हैं, जो कि परम्परागत बहुत गलत बात है। हर साल मेले के दौरान भगवान परशुराम की पालकी को मुख्यमंत्री स्वयं कंधा देकर मेले का शुभारंभ करते हैं। ऐसी मान्यता है कि प्रदेश सरकार और जिला सिरमौर के लोगों को भगवान परशुराम का आशीर्वाद मिलने से समृद्धि और खुशहाली के द्वार खुलते हैं। इसके बावजूद भी लोकपरम्परा को नजरअंदाज करते हुए मुख्यमंत्री ने रेणुकाजी मेले में आने से मना कर दिया।
इसके कारण क्षेत्र के लाखों लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
मेला राम शर्मा ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री खुद नहीं आ सकते तो उन्हें उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को इस मेले के उद्धाटन के लिए भेजना चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेले की गरिमा बनी रहे। हर वर्ष रेणुकाजी मेले के उद्धाटन के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से सिरमौर जिले के विकास के लिए करोडों रुपये की योजनाओं की घोषणा की जाती है। इससे जिले की विकास को गति मिलती है।
